चंद्रयान-3 तो बस शुरुआत है...हिंदुस्तान ने साल 2040 से पहले चांद पर इंसान को भेजने का वादा किया है। ये बातें शुक्रवार (15 दिसंबर, 2023) को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कही हैं। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में बताया- आज हम स्पष्ट हैं कि इस सेक्टर को समर्थन हासिल होगा।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
बकौल पुरी, "भारत इसी तरह अमृत काल में 2047 तक एक विकसित देश की कल्पना करता है। गगनयान परियोजनाओं में मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता के प्रदर्शन की परिकल्पना की गई है और भारत 2040 तक चंद्रमा पर मनुष्य को भेजने का वादा करता है।"
गगनयान परियोजना में तीन सदस्यों के एक दल को तीन दिन के मिशन के लिए 400 किमी की कक्षा में लॉन्च करके और भारतीय जल में उतरकर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाकर मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन करने की परिकल्पना की गई है। यह कार्यक्रम भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान मिशन शुरू करने वाला चौथा देश बना देगा।
चंद्रमा का चक्कर लगाने के मिशन पर जाने वाले यात्रियों से मिले बाइडन
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने चंद्रमा का चक्कर लगाने के मिशन पर जाने वाले चार अंतरिक्ष यात्रियों के दल से गुरुवार को व्हाइट हाउस में भेंट की। 50 वर्ष में ऐसा पहली बार होगा जब अमेरिका चंद्रमा के नजदीक किसी दल को भेजेगा। इस आर्टेमिस-द्वितीय दल में तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री होंगे।चारों अंतरिक्ष यात्री का यह दल नासा के ओरियन कैप्सूल में उड़ाने भरने वाला पहला दल होगा। ऐसा बताया जा रहा है कि 2024 में कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपण करने की योजना है। दल चंद्रमा की कक्षा में नहीं उतरेगा, बल्कि चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाने के बाद वापस धरती पर लौट आएगा।
