Times Now Summit 2022: वह दौर अब चला गया है जब प्रमुख एजेंसियां और संस्थाएं भारत को फ्रैजाइल इकोनॉमी के रूप में देखती थीं। अब दुनिया भर में खड़ी चुनौतियों के बीच भारत ब्राइट स्पॉट बन चुका है। इंडोनेशिया के बाली में आयोजित G-20 सम्मेलन में जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई, वह भारत के बढ़ते महत्व को भी दिखाता है। यह बातें वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने टाइम्स नाउ समिट 2022 में टाइम्स नेटवर्क की ग्रुप एडिटर और टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार से चर्चा के दौरान कहीं। गोयल ने इसके अलावा महंगाई, गिरते रुपये, नौकरियों के अवसर और दूसरी चुनौतियों पर भी सरकार का पक्ष रखा।
नौकरी पर क्या बोले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
महंगाई पर टेंशन
महंगाई के सवाल पर पीयूष गोयल ने कहा कि यूपीए सरकार के दौर में डबल डिजिट में महंगाई होना आम बात थी। पिछले 8 साल में अगर महंगाई का औसत देखा जाय तो वह 4 से 4.5 फीसदी पर आ गया है। मोदी सरकार, युद्ध और अमेरिका सहित दूसरे देशों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण खड़ी चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपट रही है। और जनता भी इस बात को समझ रही है, कि ग्लोबल फैक्टर महंगाई पर असर डाल रहे हैं।साथ उसे वह दौर याद भी है जब महंगाई का डबल डिजिट में होना साधारण बात थी।
जहां तक जीडीपी ग्रोथ अनुमान में विभिन्न एजेंसियों में कटौती की बात है तो संस्थाएं परिस्थितियां देखकर प्रोजेक्शन करती हैं। आज के दौर में वैश्विक स्तर पर जितनी अनिश्चितता है, उसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है। लेकिन असली तस्वीर तो साल के अंत में सामने आएगी। आर्थिक मंदी से सभी को तकलीफ आ रही है, उसके बावजूद भारत 7 फीसदी की ग्रोथ हासिल करेगा, जो पॉजिटिव साइन है।
यूपीए को निशाने पर लेते थे, लेकिन कमजोर रुपये पर क्या कहेंगे
लगातार कमजोर होते रुपये के सवाल पर, पीयूष गोयल ने कहा कि यूपीए और अभी के दौर में अंतर है। उस दौर में भारतीय इकोनॉमी को फ्रैजाइल कहा जाता था। आज हम ब्राइट स्पॉट हैं। आज ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत स्थिति में हैं। कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं। जहां तक रुपये के कमजोर होने की बात है, तो यह डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। लेकिन दुनिया की दूसरी करंसी की तुलना में भारतीय रुपया बेहतर स्थिति में हैं। यूपीए के समय रुपया 3.5 फीसदी से गिरा था। जबकि पिछले 8 वर्षों में यह 2.25 फीसदी है। जहां तक दुनिया में आ रही मंदी की भारत पर असर की बात है तो ऐसा नहीं है कि उसका असर नहीं होगा। इस वजह से निर्यात में कमी की संभावना है। लेकिन आईटी सेक्टर जिस तेज गति से बढ़ रहा है, फूड सिक्योरिटी बढ़ी है, भारत में कंपनियां निवेश कर रही है। उससे हमारी इकोनॉमी बेहतर स्थिति में रहेगी।
नौकरियों के अवसर कब
नौकरियों के सवाल पर गोयल ने कहा कि नौकरी के अवसर बढ़े हैं। ईपीएफओ के आंकड़े इसके गवाह हैं। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ रहा है। ऐसे में नौकरी के अवसर आ रहे हैं। जहां तक सरकारी नौकरी की बात है तो उसकी सीमाएं हैं। इसमें भी केंद्र सरकार तेजी से बढ़ोतरी कर रही है। अगले 12 महीने में 15 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। इसके अलावा एक बात और समझनी होगी कि भारत में युवा नए रास्ते तलाश रहे हैं, उनका नौकरी के प्रति नजरिया बदला है। देश में तेजी से स्टार्टअप की बढ़ती संख्या इसका उदाहरण है।
चीन से कंपनियां भारत में आएंगी
आज आईफोन-14 की सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग भारत में हैं। चिप डिजाइनिंग, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का बढ़ता बेस कंपनियों के भरोसा का प्रतीक है। अगले 30 साल तक सबसे ज्यादा वर्किंग जनसंख्या भारत में रहने वाली है। यह भारत को एक ब्राइट स्पॉट के रूप में स्थापित करता है। और इसका हमें फायदा मिलेगा।
