PM Narendra Modi in Bali: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत अब छोटा सोचता ही नहीं है। हम स्टैच्यू बनाएं या स्टेडियम, सब सबसे बड़े ही बनाते हैं। मौजूदा समय में जितनी अमेरिका की जनसंख्या है, उतने तो हमने बैंक खाते खोल दिए हैं। ये बातें मंगलवार (15 नवंबर, 2022) को उन्होंने इंडोनेशिया के बाली शहर में भारतीय समुदाय के साथ इंटरैक्शन के दौरान कहीं।
पीएम के इतना कहने के बाद वहां जोरदार तालियों के बीच "मोदी-मोदी" के नारे लगने लगे। पीएम के संबोधन के दौरान वहां "जय श्री राम" और "भारत माता की जय" के नारे भी लगे। उनके मुताबिक, साल 2014 के पहले और वर्ष 2014 के बाद के भारत में बहुत बड़ा फर्क स्पीड और स्केल का है। आज भारत अभूतपूर्व रफ्तार से काम कर रहा है, अप्रत्याशित पैमाने पर काम कर रहा है।
PM Shri @narendramodi addresses Indian community in Bali, Indonesia. t.co/Hj2cnP31XP
— ANI (@ANI) Nov 15, 2022
पीएम के मुताबिक, "भारत की प्रतिभा, भारत की टेक्नोलॉजी, भारत का इनोवेशन और भारत के उद्योग...इन सब ने दुनिया में अपनी एक पहचान बनाई है। आज दुनिया की बहुत सी बड़ी कंपनियां ऐसी हैं जिनके सीईओ भारत के हैं। आज दुनिया के 10 यूनिकॉर्न बनते हैं तो उनमें से एक भारत का होता है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi greets the gathering at the Indian community event in Bali, Indonesia, as peo… t.co/9ZGFq3SOvw
— ANI (@ANI) Nov 15, 2022
उन्होंने आगे बताया- आज भारत स्मार्ट फोन डेटा के उपभोग में दुनिया में नंबर-1 है। आज भारत कितनी ही दवाइयों की सप्लाई में, अनेक वैक्सीन बनाने में दुनिया में नंबर-1 है। 2014 के पहले और 2014 के बाद के भारत में बहुत बड़ा फर्क है, ये बहुत बड़ा फर्क मोदी नहीं है। ये बहुत बड़ा फर्क है स्पीड और स्केल में है।
बकौल पीएम, "हम लोग अक्सर बातचीत में कहते हैं- It's a small world. भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को देखें, तो ये बात बिल्कुल सटीक बैठती है। समंदर की विशाल लहरों ने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को लहरों की ही तरह, उमंग से भरा और जीवंत रखा है।" पीएम ने आगे आश्वासन देते हुए कहा कि इंडोनेशिया जैसे पड़ोसी देश के लिए हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए हैं।
प्रवासी भारतीयों से वह वहां यह भी बोले कि हम साझी विरासत और संस्कृति से जुड़े हैं। भारत और इंडोनेशिया अच्छे और बुरे दोनों समय के साथी हैं। चुनौतीपूर्ण समय में भारत इंडोनेशिया के साथ मजबूती से खड़ा है। आज जब भारत आत्मनिर्भर भारत का विज़न सामने रखता है, तो उसमें वैश्विक भलाई की भावना भी समाहित है।
