India First Ballastless Track: भारत में पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलेगी। इस रूट पर रेलवे ट्रैक बिछाने का काम जोर-शोर से हो रहा है। पूरे रूट पर भारत का पहला गिट्टी रहित ट्रैक सिस्टम बिछाया जा रहा है। यह जे-स्लैब बैलेस्टलेस ट्रैक सिस्टम है, जिसका वीडियो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने इस प्रोजेक्ट की प्रगति को लेकर भी जानकारी दी है। रेल मंत्री ने बताया कि बुलेट ट्रेन के लिए भारत का पहला गिट्टी रहित ट्रैक 320 किमी प्रति घंटे की गति सीमा, 295 किमी पियर और 153 किमी के वायाडक्ट का काम पहले ही पूरा हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने कहा, मोदी 3.0 में और भी बहुत कुछ होने वाला है।
बुलेट ट्रेन के लिए बिछाया जा रहा गिट्टी रहित ट्रैक
बता दें, हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए कई देशों में गिट्टी रहित या स्लैब ट्रैक की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। अब इसे भारत में भी प्रयोग किया जा रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीडे रेल कॉरिडोर के लिए भारत में पहली बार स्पेशल ट्रैक सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जो जे-स्लैब ट्रैक सिस्टम है।
क्या है इसकी खासियत?
जे-स्लैब ट्रैक सिस्टम के मुख्य रूप से चार भाग होते हैं। आरसी ट्रैक बेड, सिमेंट मोर्टार, प्रीकास्ट ट्रैक स्लैब और रेल विद फास्टनर्स। इसमें प्री-कास्ट आरसी ट्रैक स्लैब का निर्माण गुजरात के आनंद और किम में हो रहा है। इस ट्रैक सिस्टम में पहले से बने बनाए ट्रैक स्लैब होते हैं, जो आरसी ट्रैक बेड पर टिके होते हैं। इनकी मोटाई लगभग 300 मिमी होती हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस रूट पर अप और डाउन लाइनों के लिए पटरियां बिछाई गई हैं। एक आरसी ट्रैक बेड की चौड़ाई 2420 मिमी है।
नापी जाएगी हवा की गति
बुलेट ट्रेन को तेज हवा और आंधी से कोई नुकसान न हो, इसके लिए भी तैयारी की जा रही है। 508 किमी के रूट पर 14 स्थानों पर हवा की गति मापने के लिए एमीमोमीटर लगाए जाएंगे। दरअसल, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन पश्चिम हिस्से में तटीय क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां हवा की गति कुछ क्षेत्रों में केंद्रति होती है।, यह ट्रेन संचालन को प्रभावित कर सकती है।
