Earthquake Today in India 1 June 2026: भारत में जून महीने की पहली तारीख को ही चार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। National Center for Seismology की डेटा के अनुसार आज रात से लेकर सुबह तक में एक के बाद एक चार बार भूकंप ने भारत को हिलाया है। देश उत्तराखंड, सिक्किम, मणिपुर और असम में भूकंप आया है। जिसमें असम में सबसे तेज 3.5 की तीव्रता से झटके लगे हैं। इन भूकंपों में जानमाल का क्या नुकसान हुआ है, इसकी जानकारी अभी तक नहीं है।
आज भारत में कहां-कहां आया भूकंप
भारत में 1 जून को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on June 1)
| कहां-कहां आया भूकंप? | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| उत्तराखंड | 2.6 | 07:29:24 | 5 KM | पिथौरागढ़ |
| असम | 3.5 | 04:44:37 | 10 KM | कामरूप |
| सिक्किम | 2.4 | 03:04:32 | 5 KM | गंगटोक |
| मणिपुर | 3.2 | 00:51:06 | 50 KM | उखरुल |
दुनिया में 1 जून को कहां भूकंप आया? (June 1 Tremors Worldwide)
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में आज तेज भूकंप के झटके लगे हैं। पाकिस्तान में रात को 2 बजे के बाद 4.0 की तीव्रता से भूकंप आया है। United States Geological Survey (USGC) के अनुसार इसके अलावा जापान, ईस्टर द्वीप के दक्षिणपूर्व, अमेरिका, प्यूर्टो रिको में भूकंप आया है।
| दुनिया में कहां आया भूकंप? | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| जापान | 4.4 | 09:28:03 AM | 10 KM | इज़ू द्वीप समूह |
| ईस्टर द्वीप | 4.9 | 09:10:11 AM | 10 KM | 35.362°S 104.659°W |
| अमेरिका | 3.4 | 06:03:28 AM | 34 KM | वर्जिन द्वीप समूह |
| प्यूर्टो रिको | 3.4 | 04:59:48 AM | 10 KM | रिनकॉन |
| पाकिस्तान | 4.0 | 02:42:51 AM | 80 KM | 34.770, 71.335 |
पृथ्वी पर हर साल कितने भूकंप आते हैं?
दुनिया भर में हर साल आने वाले कुल भूकंपों की संख्या लगभग पांच लाख होती है, लेकिन इनमें से ज्यादातर भूकंप इतने हल्के और कम तीव्रता के होते हैं कि आम इंसानों को इनका पता भी नहीं चलता। पृथ्वी के भीतर होने वाली इन सूक्ष्म हलचलों को केवल वैज्ञानिकों के बेहद संवेदनशील उपकरणों यानी सिस्मोमीटर द्वारा ही रिकॉर्ड किया जा सकता है। अगर केवल उन भूकंपों की बात की जाए जिन्हें लोग स्पष्ट रूप से महसूस कर पाते हैं, तो उनकी संख्या सालाना करीब एक लाख होती है। इनमें से भी बेहद कम, यानी लगभग सौ भूकंप ही ऐसे होते हैं जो जमीन पर किसी तरह का नुकसान या तबाही मचाने की क्षमता रखते हैं।
अगर व्यापक तबाही लाने वाले बड़े और विनाशकारी भूकंपों की बात करें, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर सात या उससे अधिक होती है, तो पूरी दुनिया में साल भर में औसतन ऐसे केवल सोलह भूकंप आने की आशंका रहती है। इन सोलह बड़े भूकंपों में से लगभग पंद्रह भूकंप सात से सात दशमलव नौ तीव्रता के बीच के होते हैं, जबकि कम से कम एक भूकंप आठ या उससे अधिक की भीषण तीव्रता वाला होता है। इस प्रकार, हालांकि हमारी पृथ्वी के भीतर टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने से रोजाना हजारों छोटे-मोटे झटके पैदा होते रहते हैं, लेकिन बड़े और जान-माल को नुकसान पहुंचाने वाले विनाशकारी भूकंप साल भर में गिने-चुने ही दर्ज किए जाते हैं।
