Earthquakes In India, Nepal, Myanmar, Tajikistan: भारत के पूर्वोतर राज्य सिक्किम में मंगलवार रात से लेकर दिन तक में आठ बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भारत के दक्षिणी राज्य कर्नाटक में मंगलवार को दिन में 11 बजे भूकंप के झटके लगे। भारत समेत इसके दो और पड़ोसी देशों में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस हुए। भारत के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल और बर्मा में भूकंप आया है। तजाकिस्तान में भी भूकंप के झटके लगे हैं। तजाकिस्तान में 4.4 की तीव्रता वाला भूकंप आया है।
भारत में आज कहां-कहां आया भूकंप
नेपाल में 4 तीव्रता का भूकंप
मंगलवार को नेपाल में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप से किसी तरह के नुकसान या जान-माल के नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं है। नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर (NEMRC) के मुताबिक, भूकंप मंगलवार सुबह 02.047 बजे आया, जिसका सेंटर ताप्लेजंग जिले के कंचनजंगा में था। बताया जा रहा है कि भूकंप पूर्वी नेपाल के दूसरे जिलों में भी महसूस किया गया।
भारत में मंगलवार 10 फरवरी 2026 को कहां-कहां भूकंप
| देश/राज्य | भूकंप का समय | भूकंप का केंद्र | भूकंप की तीव्रता |
| सिक्किम | 12:09:25 AM | नामची | 2.3 |
| अरुणाचल प्रदेश | 12:58:19 AM | पश्चिम कामेंग | 3.1 |
| सिक्किम | 02:32:34 AM | नामची | 3.3 |
| सिक्किम | 02:56:54 AM | मंगन | 2.1 |
| सिक्किम | 04:25:22 AM | नामची | 3.4 |
| सिक्किम | 05:30:44 AM | मंगन | 2.1 |
| सिक्किम | 05:35:29 AM | नामची | 2.3 |
| सिक्किम | 05:35:38 AM | नामची | 3.3 |
| तजाकिस्तान | 07:23:50 AM | 4.4 | |
| म्यांमार (बर्मा) | 07:27:00 AM | म्यांमार से 151 किमी WSW | 3.9 |
| नेपाल | 02:00:47 AM | ताप्लेजंग | 4.0 |
| कर्नाटक | 11:43:47 AM | विजयपुरा | 2.7 |
| सिक्किम | 03:37:21 PM | मंगन | 2.1 |
भारत के किन हिस्सों में भूकंप का ज्यादा खतरा?
भारत के कई शहर भूकंप को लेकर अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आते हैं। भारत का 59% हिस्सा भूकंप के प्रति संवेदनशील है। नवंबर 2024 से फरवरी 2025 तक भारत में 159 भूकंप दर्ज किए गए हैं। ये भूकंप दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक और असम से लेकर जम्मू कश्मीर तक महसूस किए गए हैं। हालांकि इन भूकंपों में जालमाल का नुकसान न के बरारबर हुआ है, लेकिन ये झटके भविष्य में आने वाली बड़ी तबाही का संकेत भी हैं।
भारत में भूकंप को लेकर अर्ली वार्निंग सिस्टम
भारत में पिछले कई सालों से भूकंप को लेकर अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। जिसमें 168 भूकंपीय वेधशालाओं का बड़ा योगदान है। भूकंप को लेकर सरकार की ओर से अलर्ट भेजने के लिए भूकंप संबंधी रियल टाइम जानकारी के लिए भूकैम्प ऐप लॉन्च किया गया। एनडीएमए की भूकंप जोखिम इंडेक्सिंग (ईडीआरआई) परियोजना 50 शहरों में भूकंप के जोखिमों का आकलन करती है, जिसमें 16 और शहरों को शामिल करने की योजना है।
भारत में भूकंप के जोन
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने भूकंप के जोखिम के आधार पर देश को चार भूकंपीय क्षेत्रों में वर्गीकृत किया है। जोन V सबसे अधिक सक्रिय है, जिसमें हिमालय जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जबकि जोन II सबसे कम प्रभावित है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने कई विनाशकारी भूकंपों का अनुभव किया है। भारत में भूकंप की निगरानी की शुरुआत 1898 में अलीपुर (कलकत्ता) में पहली भूकंपीय वेधशाला की स्थापना के साथ हुई थी। आज, राष्ट्रीय भूकंपीय नेटवर्क पूरे देश में भूकंप की गतिविधियों पर नजर रखता है। इकट्ठा किए गए डेटा को उन्नत तकनीक का उपयोग करके राष्ट्रीय और राज्य प्राधिकरणों के साथ साझा किया जाता है। यह प्रणाली भूकंप की पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने पर शोध भी करती है।
