भारत और उज्बेकिस्तान ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को नई दिल्ली में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री सैदोव बख्तियार ओडिलोविच और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान 2027-29 के लिए गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की अध्यक्षता के लिए भारत का समर्थन दोहराया। साथ ही उन्होंने ब्रिक्स गतिविधियों में साझेदार देश के रूप में उज्बेकिस्तान के सहयोग की सराहना की।
एस जयशंकर। (फोटो- ANI)
बैठक में जयशंकर ने कहा कि भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इस दौरान उज्बेकिस्तान ने सभी पहलों में रचनात्मक सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से उज्बेकिस्तान की आगामी NAM अध्यक्षता के लिए पूरा समर्थन रहेगा।
आतंकवाद पर दोनों देशों का साझा रुख
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान विकासशील देशों के रूप में कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर समान सोच रखते हैं। उन्होंने विशेष रूप से आतंकवाद, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ दोनों देशों के सहयोग का उल्लेख किया। जयशंकर ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद और आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। जयशंकर ने खनन क्षेत्र, विशेषकर रेयर अर्थ मिनरल्स, को भविष्य की साझेदारी का अहम क्षेत्र बताया।
खनन और रेयर अर्थ मिनरल्स पर बढ़ेगा सहयोग
इससे पहले सोमवार को उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की थी। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच खनन,कृषि,फार्मास्युटिकल्स,सूचना प्रौद्योगिकी और रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने दोनों देशों के बीच शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि अब तक 3,000 से अधिक उज्बेक अधिकारी, पेशेवर और छात्र भारत के ITEC प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों का लाभ उठा चुके हैं, जबकि 16,000 से अधिक भारतीय छात्र फिलहाल उज्बेकिस्तान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। बैठक के अंत में दोनों देशों ने मध्य एशिया में रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने तथा व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
