India and UAE ink MoUs : भारत और अबू धाबी के आपसी और कारोबारी रिश्ते सोमवार को नई ऊंचाई पर पहुंचे। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच कई सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए। खासकर, परमाणु ऊर्जा एवं पेट्रोलियम जैसे क्षेत्रों में दोनों देश अपने आपसी सहयोग को और आगे ले जाएंगे। यूएई में बराकाह परमाणु संयंत्र के रखरखाव के लिए भारत के न्यूक्लियर पावर को-ऑपरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईए) और एमिरेट्स न्यूक्लियर एनर्जी कंपनी (ईएनईसी) के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए।
भारत-यूएई के बीच कई सहमति पत्रों पर हुए हस्ताक्षर।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि लंबे समय तक एलएनजी की आपूर्ति करने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड और अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के बीच एक करार हुआ।
क्राउन प्रिंस को दिया गया राजकीय सम्मान
इसके अलावा दोनों देशों के फूड पार्क सहित कई दूसरे क्षेत्रों में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए। बता दें कि शेख खालिद अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर आठ सितंबर को दिल्ली पहुंचे। दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उनकी अगवानी की। दिल्ली में क्राउन प्रिंस को राजकीय सम्मान भी दिया गया। उनके भारत आने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने X पर अपने पोस्ट में कहा कि 'इस ऐतिहासिक रिश्ते की एक नई उड़ान। हिज हाइनेस शेख खालिद अल नहयान अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर दिल्ली पहुंचे हैं। पीयूष गोयल ने इनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मेहमान को राजकीय सम्मान दिया गया।'
दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग
बता दें कि हाल के वर्षों में भारत और यूएई के रिश्ते नई ऊंचाई पर पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और कारोबार बढ़ा है। यूएई और भारत रणनीतिक साझेदार हैं। राजनीति, कारोबार, निवेश, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा एवं संस्कृति में ये एक-दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्राउन प्रिंस की इस यात्रा से भारत और यूएई के संबंध पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं।
85 अरब अमेरिकी डॉलर का कारोबार
हाल के वर्षों में भारत और यूएई के बीच कारोबार बढ़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में लगभग 85 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के साथ दोनों देश एक-दूसरे के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से हैं। 2022-23 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में भी यूएई, भारत में शीर्ष चार निवेशकों में शामिल है। यूएई में करीब 35 लाख भारतीय रहते हैं। पिछले साल भारत की अध्यक्षता में हुए जी20 शिखर सम्मेलन में यूएई को बतौर विशेष आमंत्रित देश न्योता दिया गया था। भारत की अध्यक्षता के दौरान जी-20 समूह के लिए विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में यूएई को आमंत्रित किया गया था।
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यूएई के साथ सैन्य अभ्यास
फरवरी 2023 में भारत-यूएई-फ्रांस (यूएफआई) त्रिपक्षीय रूपरेखा को औपचारिक रूप से शुरू किया गया था। भारत के सक्रिय समर्थन के साथ, यूएई मई 2023 में एससीओ में संवाद भागीदार के रूप में शामिल हुआ। यूएई भी भारत के समर्थन से एक जनवरी को ब्रिक्स में सदस्य के रूप में शामिल हुआ था। भारत-यूएई रक्षा सहयोग में भी पिछले कुछ वर्षों में एक नई गति देखी गई है। जनवरी 2024 में, राजस्थान में पहला भारत-यूएई द्विपक्षीय सेना अभ्यास ‘डेजर्ट साइक्लोन’ आयोजित किया गया था।
