Madrasas Survey in UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ समय पहले मदरसों का सर्वे शुरू किया था। इस सर्वे के पूरा होने पर एक अहम बात सामने निकलकर आई है जिसके मुताबिक, पूरे राज्य में करीब 6 हजार से अधिक ऐसे मदरसे (Madrasas) हैं जो अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, शासन ने मदरसा सर्वे की समय को आगे बढ़ाते हुए इसे 25 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 नवंबर कर दिया है और अब जिलाधिकारी 15 नवंबर तक शासन को अपनी रिपोर्ट भेज सकेंगे।
प्रतीकात्मक फोटो
15 नवंबर तक बढ़ी तारीख
खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अब तक 6,436 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 5170 में सर्वे पूरा भी कर लिया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह के मुताबिक, सर्वे में लगी टीमें अब 20 अक्तूबर तक अपनी रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) के माध्यम से 31 अक्तूबर तक जिलाधिकारी को भेजेंगी और जिलाधिकारी 15 नवंबर तक इस रिपोर्ट को शासन को उपलब्ध कराएंगे। धर्मपाल सिंह ने साफ किया किय सर्वे का उद्देश्य अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को बेहतर और गुणवत्ता परक शिक्षा मुहैया कराना है।
उप मुख्यमंत्री ने कही ये बात
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि सर्वे कराने का लक्ष्य शिक्षा में विस्तार करने का है। मदरसों में अच्छी शिक्षा को प्रमोट किया जाएगा। पाठक ने कहा कि जिन मदरसों में अवैध गतिविधियां जारी हैं उनके खिलाफ सरकार द्वारा कड़ा एक्शन लिया जाएगा। सरकार की तरफ से मदरसे को सर्वे को लेकर एक कमेटी का भी गठन किया गया है जिसमें सर्वे कार्य की मंडल स्तर पर दैनिक समीक्षा की जाएगी तांकि सर्वे का कार्य तेजी से पूरा हो सके। इस कमेटी में विभाग के विशेष सचिव, निदेश और रजिस्ट्रार मदरसा बोर्ड शामिल रहेंगे।
मदरसरा सर्वे के दौरान राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद की तीनों तहसील में 139 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त मिले हैं जिसकी रिपोर्ट जल्द हीशासन को भेजी जाएगी। लोनी में जहां 76 मदरसे मान्यता प्राप्त नहीं हैं तो वहीं सदर तहसील में 58 मदरसे गैर मान्यता प्राप्त हैं। वहीं गाजियाबाद में मान्यता प्राप्त मदरसों की बात करें तो इनकी संख्या 228 है।
