Rakesh Tikait: पिछले किसान आंदोलन का चेहरा थे राकेश टिकैत, मौजूदा प्रदर्शन पर क्या है उनका रुख?

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 14, 2024, 01:03 PM IST

Rakesh Tikait: इस 'दिल्ली चलो' मार्च से करीब 200 किसान संगठन जुड़े हैं लेकिन राकेश टिकैत और उनका संगठन इस प्रदर्शन में नहीं दिख रहा है। मौजूदा किसान प्रदर्शन का नेतृत्व पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर और किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल कर रहे हैं।

Rakesh Tikait: किसान आंदोलन को देखते हुए दिल्ली की सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसान डटे हुए हैं। दिल्ली के सिंघु, गाजीपुर, टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मियों का भारी जमावड़ा है। हरियाणा के 15 जिलों में धारा 144 लागू है। किसान अपनी मांगों पर झुकने के लिए तैयार नहीं है। किसानों के रुख एवं उनकी तैयारी को देखते हुए लगता है कि वे इस बार भी लंबा धरना-प्रदर्शन के लिए दिल्ली की तरफ आए हैं। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का पिछला आंदोलन डेढ़ साल के करीब चला। इस आंदोलन का नेतृत्व किसान नेता राकेश टिकैत ने किया था। उनकी अगुवाई में चले इस आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा और उसे अपने तीन कृषि कानून वापस लेने पड़े।

Rakesh tikait

किसान आंदोलन पार्ट-2 से अभी दूर हैं राकेश टिकैत।

2020-21 के किसान आंदोलन का चेहरा थे राकेश टिकैत

इतने लंबे समय तक किसान आंदोलन को एकजुट रखने और उसे धार देने में राकेश टिकैत की मुख्य भूमिका रही। किसानों का प्रदर्शन इस बार भी बड़ा है और आने वाले दिनों में इसका आकार और बड़ा हो सकता है। इस 'दिल्ली चलो' मार्च से करीब 200 किसान संगठन जुड़े हैं लेकिन राकेश टिकैत और उनका संगठन इस प्रदर्शन में नहीं दिख रहा है। मौजूदा किसान प्रदर्शन का नेतृत्व पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंढेर और किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल कर रहे हैं।

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