Gyanvapi Case: ज्ञानवापी केस पर आज अहम सुनवाई, शिवलिंग नुमा आकृति की कार्बन डेटिंग पर होगा फैसला

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  • Updated Sep 29, 2022, 07:36 AM IST

Gyanvapi Case: श्रृंगार गौरी केस में आज का दिन अहम है। जिला अदालत में आज हिन्दू पक्ष की उस याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें शिवलिंग नुमा आकृति की कार्बन डेटिंग की मांग की गई है।

KEY HIGHLIGHTS
  • ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस में आज हिंदू पक्ष की याचिका पर अहम सुनवाई
  • शिवलिंग नुमा आकृति की कार्बन डेटिंग की मांग
  • कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष से आपत्ति मांगी, पांच महिला वादियों में से एक राखी सिंह विरोध में

Gyanvapi Case: वाराणसी कोर्ट में आज ज्ञानवापी में मिली शिवलिंग (Shivalinga) की आकृति की कार्बन डेटिंग पर सुनवाई है।सुनवाई उस याचिका पर है जिसमें शिवलिंग की आकृति की कार्बन डेटिंग की मांग की गई है। जिला अदालत ने मुस्लिम पक्ष (Muslims) अंजुमन इंतजामिया से आपत्ति दाखिल करने के लिए 29 सितम्बर की तारीख तय की है। इससे पहले 27 सितंबर को हिंदू पक्ष की राखी सिंह की ओर से एक अर्जी दाखिल की गई। जिसमें कहा गया है कार्बन डेटिंग जांच सबंधित अर्जी ख़ारिज किया जाए क्योंकि इससे शिवलिंग खंडित होगा।

Gyanvapi Masjid survey

आज होगी ज्ञानवापी को लेकर अहम सुनवाई

कार्बन डेटिंग का हो रहा है विरोध

हिंदुओं का एक पक्ष कार्बन डेटिंग का विरोध कर रहा है। वादी राखी सिंह ने कार्बन डेटिंग (Carbon Dating) का विरोध किया है उन्होंने इसे लेकर कोर्ट में एक याचिका भी दी है। तो आज ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मौजूद शिवलिंग नुमा आकृति की कार्बन डेटिंग की मांग की गई है। इसे लेकर आज सुनवाई होनी है। हिंदू पक्ष की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु जैन ने ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) में सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग कराने की मांग की है।

कार्बन डेटिंग है क्या?

  • किसी वस्तु की उम्र पता लगाई जाती है
  • खुदाई में मिली चीजों की कार्बन डेटिंग होती है
  • कार्बन डेटिंग की विधि से जांच होती है
  • कार्बन-बेस्ड चीजों की अनुमानित उम्र पता लगती है
  • कार्बन डेटिंग से उम्र की गणना होती है
  • कार्बन के 3 रूप हैं- कार्बन 12, कार्बन 13, कार्बन 14
  • कार्बन 12 और 14 के बीच अनुपात निकालते हैं

कोर्ट ने लगाई थी रोक

उल्लेखनीय है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नौ सितंबर, 2021 को वाराणसी की अदालत के आठ अप्रैल, 2021 के आदेश पर रोक लगा दी थी जिसमें एएसआई को काशी विश्वनाथ मंदिर- ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का भौतिक सर्वेक्षण करने का निर्देश जारी किया गया था। इससे पूर्व, 12 सितंबर को न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने भी एएसआई के महानिदेशक को 10 दिनों के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था क्योंकि एएसआई द्वारा दाखिल जवाबी हलफनामा बहुत अस्पष्ट था और यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है।

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