IMD Monsoon Alert: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। हीटवेव से लोग त्रस्त हैं। ऐसे में आईएमडी ने मौसम को लेकर जो भविष्यवाणी की है, वो काफी राहत देने वाली है। आईएमडी के अनुसार इस साल देश में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। वहीं अगले पांच दिनों में केरल में मॉनसून की एंट्री हो जाएगी, जिसके बाद धीरे-धीरे पूरे देश में मॉनसून के कारण बारिश होगी।
देश में कब शुरू होगी बारिश
देश में कबतक रहेगी गर्मी
आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि जल्द ही देश को गर्मी से राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा उत्तर-पश्चिम भारत और देश के मध्य भागों में तीन दिनों के बाद भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन 30 मई से इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होगी, क्योंकि एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से नमी आने के कारण देश के उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में गरज के साथ वर्षा होने और पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
फिर जून में भीषण गर्मी
वहीं जून में उत्तर पश्चिम भारत, मध्य क्षेत्र के आसपास के हिस्सों में अधिक संख्या में भीषण गर्मी वाले दिन होने की संभावना है। जून में देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। महापात्र ने यह भी कहा कि यह राहत अस्थायी होगी और जून के महीने में दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत भारत के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि जून में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात के कुछ हिस्सों और उत्तरी मध्य प्रदेश समेत उत्तर पश्चिम भारत में सामान्य से ज्यादा दिनों तक तेज लू चल सकती है।
इस साल कैसा रहेगा मॉनसून
आईएमडी की मानें तो केरल में अगले पांच दिनों में मॉनसून के दस्तक देने के लिए परिस्थितियां अनुकूल है। केरल में मॉनसून की जल्द ही एंट्री होगी। भारत के मॉनसून कोर जोन में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है, जिसमें अधिकांश वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र शामिल हैं। उत्तर पूर्व भारत में सामान्य से कम, उत्तर पश्चिम में सामान्य और मध्य एवं दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में सामान्य से अधिक मॉनसूनी वर्षा का पूर्वानुमान है। भारत में जून में सामान्य वर्षा (दीर्घकालिक अवधि के औसत 166.9 मिमी का 92-108 प्रतिशत) होने की संभावना है।
