Kota: राजस्थान के कोटा जिले में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहे 20 वर्षीय एक युवक ने कथित तौर पर अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के गुना निवासी अभिषेक के रूप में हुई है, जो पिछले साल मई से कोटा के एक कोचिंग संस्थान में जेईई की तैयारी कर रहा था। वह यहां विज्ञान नगर पुलिस थाने के अंतर्गत डकनिया इलाके में ‘पेइंग गेस्ट’ के तौर पर एक कमरे में रहता था।
(सांकेतिक फोटो)
पीजी स्थित कमरे में फांसी लगाकर की आत्महत्या
यह प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के केंद्र कोटा में 24 घंटे के भीतर छात्र द्वारा आत्महत्या का दूसरा मामला है। इससे पहले, राजस्थान में कोटा जिले के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में ‘आईआईटी-जेईई (इंजीनियरिंग संयुक्त प्रवेश परीक्षा)’ की तैयारी कर रहे हरियाणा के 19 वर्षीय छात्र नीरज ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी। विज्ञान नगर थाना प्रभारी मुकेश मीना ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मध्य प्रदेश के गुना निवासी अभिषेक (20) ने अपने पीजी स्थित कमरे में कथित तौर पर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
इससे पहले नीरज नाम के छात्र ने कर ली थी खुदकुशी
राजस्थान में कोटा जिले के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में ‘आईआईटी-जेईई (इंजीनियरिंग संयुक्त प्रवेश परीक्षा)’ की तैयारी कर रहे हरियाणा के 19 वर्षीय एक विद्यार्थी ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि छात्रावास मालिक द्वारा छात्र के फांसी लगा लेने की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी गई। सर्किल पुलिस निरीक्षक बुधराम जाट ने बताया कि 12वीं कक्षा का छात्र नीरज कोटा के एक कोचिंग संस्थान में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहा था और वह राजीव गांधी नगर के एक छात्रावास में रहता था।
उन्होंने बताया कि नीरज ने मंगलवार देर शाम छात्रावास के कमरे में फांसी लगा ली। उनके अनुसार हालांकि घटना के बारे रात साढ़े 10 बजे उस समय पता चला जब ‘केयरटेकर’ ने कमरे का दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला। जाट ने बताया कि छात्र ने यह कदम क्यों उठाया इसका पता नहीं चल पाया है। उनका कहना है कि नीरज के कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि छात्र के परिजनों के यहां पहुंचने पर पोस्टमार्टम किया जा रहा है और उनकी तरफ दर्ज रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया जायेगा।
नीरज के पिता का दावा- वो आत्महत्या नहीं कर सकता
नीरज के पिता ने बताया कि उनका बेटा पिछले दो सालों से कोटा में ‘एलन’ कोचिंग में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उन्होंने बताया कि नीरज पढाई में अच्छा था और नियमित रूप से कोचिंग कक्षा में जाता था। कोटा अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मंगलवार को दोहपर करीब साढ़े तीन बजे अपने बेटे नीरज से आखिरी बार फोन पर बात की थी और वह अच्छे मूड में था। उसने कोई शिकायत नहीं की थी।’’ उन्होंने बताया कि नीरज को नौ जनवरी को शाम की ट्रेन से घर लौटना था और उसने ट्रेन में अपने लिये एक सीट आरक्षित कर ली थी।
नीरज के पिता ने दावा किया कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे की गला दबाकर हत्या की गई और बाद में इसे आत्महत्या का मामला बनाने के लिए पंखे से लटका दिया गया।
