Cyclone Mocha: 10 से 15 किमी प्रति घंटे वाली हवा की रफ्तार से सामना होने पर कहते हैं कि आंधी आ गई। अब फर्ज करिए की अगर हवा की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे हो तो क्या होगा। साइक्लोन मोचा की रफ्तार कुछ इतनी ही है। यह तूफान बांग्लादेश में तबाही तो मचा रहा है, धीरे धीरे पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ बढ़ रहा है। ऐहतियात के तौर पर बंगाल की खाड़ी में मछुआरों को जाने से मना किया गया है। इसके साथ ही एनडीआरएफ की टीम किसी भी हालात का सामना करने के लिए तैनात की गई है।
साइक्लोन मोचा का खतरा बढ़ा(प्रतीकात्मक तस्वीर)
चक्रवात के खतरे से बचने का उपाय
- घर की जांच करें, दरवाजों और खिड़कियों की मरम्मत पर विशेष ध्यान।
- घर के पास पेड़ों की सूखी शाखाओं या सूखे पेड़ को हटा दें।
- लकड़ी के ढेर, ढीली टिन की चादरें, ढीली ईंटें, कचरे के डिब्बे, साइन-बोर्ड से दूर रहें।
- अपने घर के भीतरी हिस्से में खिड़कियों, रोशनदानों और कांच के दरवाजों से दूर रहें।
- फ्लैशलाइट और अतिरिक्त बैटरियां संभाल कर रखें।
- यदि तूफान से आपका घर क्षतिग्रस्त हो जाता है तो आपको मुख्य वाल्वों पर पानी और गैस को बंद कर देना चाहिए।
- अगर आप खुले में हों और सुरक्षित जगह नहीं जा सकते तो जमीन पर बैठ जाएं या लेट पेट के बल लेट जाएं।
मोचा का सामना करने के लिए खास निर्देश
चक्रवात मोचा से निपटने के लिए तटीय राज्यों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल के तटीय इलाकों में खतरा अधिक है। हालांकि इसका असर पूर्वोत्तर राज्यों में भी दिखाई देगा। राज्य सरकारों को सलाह दी गई है कि वो रिस्क वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहें।
