Maharashtra Politics: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता विनायक राउत ने रविवार को कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार अगर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, तो उन्हें महा विकास आघाडी (एमवीए) में वापस आ जाना चाहिए। शिवसेना (उबाठा) के सचिव ने कहा कि पवार महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ मौजूदा गठबंधन में मुख्यमंत्री नहीं बन सकते।
शरद पवार और अजित पवार।
'मुख्यमंत्री बनना है, तो एमवीए में वापस आएं अजित पवार'
सत्तारूढ़ गठबंधन ‘महायुति’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना शामिल हैं। रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग के सांसद रह चुके राउत ने कहा, 'अजित पवार वर्तमान में जिस गठबंधन में हैं, उसमें वह कभी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनना है, तो उन्हें एमवीए में वापस आना होगा। मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने के बजाय, उन्हें ऐसी जगह आना चाहिए, जहां उन्हें वह अवसर मिल सके।'
मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा जाहिर कर चुके हैं अजित पवार
शरद पवार अतीत में सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा जाहिर कर चुके हैं। पिछले साल संपन्न विधानसभा चुनावों में ‘महायुति’ ने राज्य की 288 सीट में से 230 सीट जीती थीं, जबकि एमवीए महज 46 सीट पर सिमट गई थी।
चाचा शरद पवार की पार्टी में भतीजे अजित पावर ने डाली फूट
शरद पवार ने 1999 में कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन किया था। जुलाई 2023 में अजित पवार और कुछ अन्य विधायकों के राज्य में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने के बाद राकांपा में विभाजन हो गया था।
राजनीति में राज करने के लिए सबसे सटीक नीति का इस्तेमाल करने वाले को ही राजनीति का चाणक्य कहते हैं। चाचा-भतीजे की जंग में फिलहाल भतीजा अजित पवार सत्ता के सिंहासन पर विराजमान हैं, पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में भतीजे ने एक बार फिर साबित किया कि वो चाचा से अधिक शक्तिशाली हैं। चुनावी नतीजे ने इस बात पर मुहर लगा दिया कि शरद पवार का जलवा अभी पहले जितना नहीं रहा, छोटे पवार उनसे आगे निकल चुके हैं।
