संसद के बजट सत्र में लगातार गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष का हंगामा और सरकार की तरफ से विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दे पर चर्चा न कराने को लेकर रोज संसद के दोनों सदनों की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ रही है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज यानी मंगलवार 10 फरवरी को कहा, 'मुझे भरोसा है कि नरवणे सच बोल रहे हैं और पेंग्विन झूठ बोल रहा है।'
राहुल गांधी ने नरवणे की किताब पर फिर दिया बयान
गौरतलब है कि राहुल गांधी लगातार सदन में नरवणे कि किताब को लेकर बोल रहे हैं। उन्होंने संसद में भी नरवणे की किताब के कथित अंश पर बात करने की कोशिश की, जिसे अध्यक्ष ने रोक दिया। नरवणे की किताब के कुछ अंश एक मैग्नीन में छपे हैं, जिसको लेकर राहुल गांधी लगातार सरकार पर हमलावर हैं।
आज सुबह जब राहुल गांधी संसद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए पहुंचे तो इस दौरान उन्होंने संसद परिसर में मीडिया से बात की। उन्होंने अपने मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज नरवणे का पोस्ट दिखाया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'यहां जनरल मनोज नरवणे ने लिखा है
राहुल गांधी ने कहा की मुझे भरोसा है की नरवणे सच बोल रहे हैं और पेंग्विन झूठ बोल रहा है , मुझे तो लगता है की नरवणे सच बोल रहे हैं कि हेलो फ्रेंड्स, माई बुक इज अवेलेबल नाउ... जस्ट फॉलो का लिंक। हैप्पी रीडिंग, जय हिंद। राहुल गांधी ने आगे कहा, जनरल नरवणे ने यह पोस्ट किया था। अब इसमें ये हो सकता है कि या तो नरवणे झूठ बोल रहे हैं और मुझे आर्मी चीफ पर भरोसा है, मुझे नहीं लगता कि वह झूठ बोल रहे हैं। या पेंग्विंग झूठ बोल रहा है। कोई तो झूठ बोल रहा है, दोनों सच नहीं बोल सकते।
राहुल गांधी ने कहा, एक तरफ पेंग्विन कह रहा है कि किताब नहीं छपी है। किताब अमेजॉन पर है ऐसा जनरल नरवणे के पोस्ट से साबित होता है। इस पोस्ट में वह यह भी कह रहे हैं कि प्लीज मेरी किताब पढ़ो। राहुल गांधी ने कहा, मैं पेंग्विन से ज्यादा जनरल नरवणे पर भरोसा करूंगा। नरवणे सेनाध्यक्ष थे और उन्होंने कुछ दावा किया, जो सरकार को अच्छा नहीं लगा। उनकी लिखा सच्चाई प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक है।
विपक्ष आज संसद में एक पोस्टर भी लेकर पहुंचा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने जमीन पर अपने घुटनों के बल बैठे हैं। साथ में इस पोस्टर पर नरेन्दर सरेन्डर! भी लिखा है। राहुल गांधी का कहना है कि अमेरिका के साथ ट्रे़ड डील असल में ये हुई है।
