Tamil Nadu Speaker Election: तमिलनाडु की राजनीति में पिछले एक हफ्ते के अंदर इतनी उलट-पुलट हुई है कि हर कोई हैरान है। 4 मई 2026 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आया था। टीवीक को 108 सीटें मिलीं थीं, जिसमें से पार्टी प्रमुख विजय दो सीट से चुनाव लड़े थे, मतलब 107 सीट, बहुमत के लिए 118 सीट चाहिए थी। कांग्रेस ने सपोर्ट कर दिया, फिर भी बहुमत नहीं मिली। हाल ऐसा हुआ कि लगने लगा विजय सीएम नहीं बन पाएंगे, लेकिन इन सात दिनों के अंदर न केवल विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने, बल्कि निर्विरोध रूप से विधानसभा अध्यक्ष को भी जीता दिया।
तमिलनाडु के सीएम विजय (फाइल फोटो- tvkpartyhq)
कैसे मिली विधानसभा अध्यक्ष पद पर TVK को जीत?
विजय ने 10 मई को सीएम पद की शपथ ली, तभी खबर आई कि डीएमके विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार उतार सकती है। यहां अगर विजय हारते तो सरकार ही गिरने का खतरा मंडरा जाता, बहुमत के लिए विजय पहले ही परेशान थे, तभी एक ट्विस्ट आता है, जिस डीएमके के खिलाफ विजय सबसे मुखर थे, उसी की पार्टी के मुखिया और पूर्व सीएम स्टालिन से मिलने उनके घर पहुंच जाते हैं। विजय के आगमन पर स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने उनसे हाथ मिलाकर और गर्मजोशी से गले लगाकर स्वागत किया। बाद में स्टालिन ने विजय को गले लगाया और उन्हें अपने घर के अंदर ले गये। इस मुलाकात के बाद डीएमके की ओर से स्पीकर पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतरा गया और विजय की पार्टी के जेसीडी प्रभाकर को मंगलवार को सर्वसम्मति से राज्य विधानसभा अध्यक्ष चुना गया। विधानसभा उपाध्यक्ष पद भी टीवीके के ही खाते में गया और यहां भी विजय को किसी ने चुनौती नहीं दी। उपाध्यक्ष पद पर टीवीके विधायक एम. रविशंकर का चुनाव हुआ।
विजय ने कैसे पलटा खेल?
जीत के बाद विजय तीन बार राज्यपाल के पास पहुंचे, सरकार बनाने का दावा लेकर। परंपरा अनुसार सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाते रहा है, लेकिन यहां राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बहुमत दिखाने की मांग की, विधायकों के समर्थन के पुख्ता सबूत लाने के लिए कहा। विजय जाते और वापस आते रहे। इसी बीच खबर आई कि चिरप्रतिद्वंदी डीएमके और अन्नाद्रमुक (AIADMK) मिलकर सरकार बना सकती है, इसकी पुष्टि एआईएडीएमके के सी. वी. षणमुगम कर चुके हैं। लेकिन विजय ने हार नहीं मानी। कांग्रेस के साथ-साथ वाम दलों और वीसीके का सपोर्ट मिला। विजय बहुमत तक पहुंच गए और फिर काफी जद्दोजहद के बाद 10 मई को सीएम पद की शपथ ले ली। सीएम बनने के बाद विजय एक के बाद एक खेल पलटते चले गए।
बहुमत से ज्यादा सपोर्ट
सरकार बनाने के लिए जो विजय एक-एक विधायक के सपोर्ट के लिए तरस रहे थे, आज उनके पास बहुमत से काफी ज्यादा विधायक हैं। विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक (AIADMK) टूट चुकी है। लगभग आधे विधायक विजय को सपोर्ट करने का ऐलान कर चुके हैं। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ विधायकों एस. पी. वेलुमणि और सी. वी. षणमुगम के नेतृत्व वाले धड़े ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया है। षणमुगम ने पत्रकारों से कहा कि वे आज दोपहर मुख्यमंत्री विजय से मिलकर उनकी सरकार को समर्थन देने के लिए पत्र सौंपेंगे। ऐसे में विजय के पास एक सिर्फ बहुमत ही नहीं बल्कि स्थिर सरकार भी होगी और वो किसी अन्य दलों की ओर से उनपर समझौते का दवाब भी नहीं होगा।
