CJP प्रोटेस्ट और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा...भारत में छात्र आंदोलन को लेकर क्या कह रहा है विदेशी मीडिया?

जैसे-जैसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का यह आंदोलन आगे बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे भारत में शासन, युवाओं की आकांक्षाओं और राजनीतिक जवाबदेही की एक बड़ी कहानी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया।

भारत की शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और विशेष रूप से साल 2026 की 'नीट-यूजी' (NEET-UG) परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। दिल्ली की सड़कों पर डेरा डाले हजारों युवा प्रदर्शनकारी, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और कैंडललाइट मार्च की तस्वीरों ने वैश्विक मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। जैसे-जैसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का यह आंदोलन आगे बढ़ा, अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे भारत में शासन, युवाओं की आकांक्षाओं और राजनीतिक जवाबदेही की एक बड़ी कहानी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विदेशी मीडिया ने इसे बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल के लिए एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना है।

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जंतर-मंतर प्रदर्शन पर ग्लोबल मीडिया का नजरिया

दुनिया के कुछ सबसे बड़े समाचार संगठनों ने इस पूरे घटनाक्रम को किस तरह कवर किया है, आइए जानते हैं-

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