Maoist Commander Chalapathi Encounter: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए 16 लोगों में एक करोड़ रुपये का इनामी माओवादी जयराम उर्फ चलपति भी शामिल था। चलपति बेहद चालाक था और अपने हर कदम को लेकर सावधान रहता था और दशकों तक एक रहस्य बना रहा। लेकिन उसकी एक गलती उसपर भारी पड़ी और वह मौत के मुंह में पहुंच गया। ये ऐसी गलती थी जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था कि इतनी भारी पड़ेगी। अपनी पत्नी के साथ एक सेल्फी ने सुरक्षा बलों को उस तक पहुंचा दिया और हमेशा के लिए दुनिया से विदा हो गया।
टॉप नक्सली कमांडर चलपति ढेर
चलपति ने दिया था 2008 नयागढ़ हमले को अंजाम
चलपति के नाम से मशहूर रामचंद्र रेड्डी ने 2008 में ओडिशा के नयागढ़ जिले में नक्सली हमले का नेतृत्व किया था, जिसमें 13 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के रहने वाला चलपति छत्तीसगढ़ और ओडिशा के क्षेत्रों में प्रमुख रूप से सक्रिय था। पिछले कुछ वर्षों में वह बस्तर क्षेत्र में सक्रिय था। घुटने की समस्या के कारण वह ज्यादा यात्रा नहीं करता था।
चलपति ने की अरुणा से शादी, सेल्फी बनी मुसीबत
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चलपति आंध्र ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (AOBSZC) की डिप्टी कमांडर अरुणा उर्फ चैतन्य वेंकट रवि के करीब आ गया था. इसके बाद इन्होंने शादी कर ली। वह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक रहस्य बना हुआ था लेकिन अरुणा के साथ एक सेल्फी से उसकी पहचान हो गई और उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया। इस जोड़े की यह सेल्फी एक लावारिस स्मार्टफोन में मिली थी, जो मई 2016 में आंध्र प्रदेश में माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी के बाद बरामद हुआ था। सुरक्षाबलों को इनकी तस्वीर मिलने से बहुत बड़ा फायदा हुआ। पहचान जाहिर होने से चलपति के अभियान पर भी असर पड़ा और उसे अपनी सुरक्षा में लगे एक दर्जन नक्सलियों के साथ लगातार जगह बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए
छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे। ऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), छत्तीसगढ़ से कोबरा और ओडिशा से स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम शामिल थी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऑपरेशन को नक्सलवाद पर एक बड़ा झटका बताया। शाह ने एक्स पर पोस्ट किया- नक्सलवाद पर एक और जोरदार झटका। हमारे सुरक्षा बलों ने नक्सल मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। सीआरपीएफ, एसओजी ओडिशा और छत्तीसगढ़ पुलिस ने ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा पर एक संयुक्त अभियान में 14 नक्सलियों को मार गिराया। नक्सल मुक्त भारत के हमारे संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से नक्सलवाद आज अंतिम सांस ले रहा है।
