विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और प्रधानमंत्री मोदी का संदेश पहुंचाया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के बीच गहरे होते रिश्तों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मॉस्को और नई दिल्ली लगभग सभी अहम क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे। पुतिन ने दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे मज़बूत रिश्तों का जिक्र किया, जबकि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूसी नेता के साथ बैठक के दौरान पीएम मोदी का संदेश पहुंचाया।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी (फाइल फोटो)
भारत-रूस व्यापार में बढ़ोतरी का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि इस साल हमारे व्यापार में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल इसमें थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन इस साल यह बढ़ रहा है। इसका कुछ हद तक, और शायद मुख्य रूप से, श्रेय प्रधानमंत्री [नरेंद्र मोदी] को जाता है, जो रूस-भारत संबंधों को बेहतर बनाने पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे रहे हैं।'
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उन्होंने आगे कहा, 'और बातचीत की शुरुआत में, मैं आपसे मिस्टर मोदी तक मेरी शुभकामनाएं पहुंचाने के लिए कहना चाहूंगा। मुझे उम्मीद है कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तहत हमारी योजना के अनुसार, मैं जल्द ही उनसे मिल सकूंगा। हमारा शेड्यूल ऐसा है कि शायद हम इस साल फिर से मिल पाएंगे।'
पुतिन ने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर और रूस के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव-जो अंतर-सरकारी आयोग के रूसी पक्ष के प्रमुख हैं-पहले ही कड़ी मेहनत कर चुके हैं और सबसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर चुके हैं।
'ऐसे कई मुद्दे हैं। इनमें से एक मुद्दा सिर्फ़ ऊर्जा का नहीं है - बल्कि उर्वरक (खाद) की आपूर्ति का भी है। हम भारतीय किसानों और कृषि के लिए इस मुद्दे को हल करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं; हम इसकी आपूर्ति बढ़ा रहे हैं और आगे भी ऐसा करने के लिए तैयार हैं। परमाणु ऊर्जा, हाई-टेक सेक्टर में सहयोग और अन्य क्षेत्रों से जुड़े सभी मुद्दे भी एजेंडे में हैं और उन पर लगातार प्रगति हो रही है।'
पुतिन ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे
बैठक के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के लिए उत्सुक हैं और उन्हें उम्मीद है कि पुतिन ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच 'मजबूत और ठोस द्विपक्षीय साझेदारी' है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'आज सुबह हमारी अंतर-सरकारी आयोग की बैठक हुई। मेरे पास आपके साथ साझा करने के लिए बहुत अच्छी रिपोर्ट है, जो हमारे आर्थिक सहयोग, परमाणु ऊर्जा, उर्वरक आदि से संबंधित है। मैं इस पर विस्तार से चर्चा करूंगा। मैं यह बताना चाहूंगा कि हमारे आर्थिक सहयोग में काफी वृद्धि हुई है।'
बैठक के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, डेनिस मंतुरोव, रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव, रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। विदेश मंत्री जयशंकर व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता करने के लिए मॉस्को में हैं।
