'स्पीकर पर सवाल उठाना लोकतंत्र के खिलाफ, संसद नियमों से चलती है, मनमर्जी से नहीं'; लोकसभा में गरजे अमित शाह

लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के फैसलों पर शक करना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है और राहुल गांधी की उपस्थिति पर भी सवाल उठाए।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष को आड़े हाथों लिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण घटना नहीं है। लगभग चार दशकों के बाद लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। यह संसदीय राजनीति और इस सदन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस सदन के स्थापित इतिहास के अनुसार, इसकी कार्यवाही आपसी विश्वास के आधार पर संचालित होती है। अध्यक्ष एक निष्पक्ष संरक्षक के रूप में कार्य करते हैं, जो सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अध्यक्ष द्वारा सत्रों के संचालन के लिए विशिष्ट नियम इसी लोकसभा द्वारा बनाए गए हैं। यह सदन कोई बाज़ार नहीं है; सदस्यों से अपेक्षा की जाती है कि वे इसके नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार बोलें और भाग लें।

​अमित शाह​

अमित शाह

जब भाजपा विपक्ष में थी, तब वह कभी भी अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाई

अमित शाह ने लोकसभा में कहा जब भाजपा विपक्ष में थी,तब वह कभी भी अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाई। हम अध्यक्ष के फैसले से सहमत न भी हों, लेकिन यह बाध्यकारी है और इस पर संदेह नहीं किया जा सकता। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि हम अपने अधिकारों की बात कर सकते हैं,लेकिन सदन के नियमों का उल्लंघन कोई नहीं कर सकता । विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए अमित शाह ने कहा कि विपक्ष ने अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल उठाए।आप हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रहे हैं।

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