गृह मंत्री अमित शाह जम्मू के रियासी जिले स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए लिए पैदल निकले। इसके साथ ही वो एक बड़ी सभा भी करने वाले हैं। तीन दिनों की यात्रा में वो सोमवार देर रात जम्मू पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि शाह अपनी यात्रा के दौरान पहाड़ी समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति के दर्जे के मुद्दे पर बड़ा ऐलान कर सकते हैं। वो दो रैलियों को संबोधित करने वाले हैं। पहली रैली मंगलवार को जम्मू क्षेत्र के राजौरी जिले में और दूसरी बुधवार को उत्तरी कश्मीर के बारामूला में होनी है।
जम्मू की पहली यात्रा
अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और तत्कालीन राज्य के विभाजन के बाद शाह की यह पहली जम्मू और कश्मीर की उनकी दूसरी यात्रा है।जम्मू-कश्मीर भाजपा पदाधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्री की यात्रा के दौरान पहाड़ी समुदाय के लिए एसटी दर्जे का मुद्दा उठने की उम्मीद है।गुर्जर समुदाय, जिसे एसटी का दर्जा प्राप्त है, वह पहाडि़यों को टैग देने के कदम का विरोध कर रहा है क्योंकि उनका मानना है कि इस कदम से उनके रोजगार के अवसरों का हिस्सा खत्म हो जाएगा। पहाड़ी समुदाय को एसटी का दर्जा दिए जाने का विरोध करते हुए गुर्जरों ने पिछले एक हफ्ते से राजौरी, पुंछ और जम्मू क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन किया है।
गृह मंत्री कर सकते हैं बड़ी घोषणा
ऑल जेएंडके पहाड़ी कल्चरल एंड वेलफेयर फोरम के महासचिव मोहम्मद अफजल खान ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि शाह की यात्रा के दौरान समुदाय को एसटी का दर्जा देने की घोषणा की जाएगी। हमारे समुदाय के सदस्य वर्षों से इस स्थिति से वंचित हैं। अब समय आ गया है कि हमें एसटी का दर्जा मिले, जो हमारा अधिकार है।इससे पहले, जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने संकेत दिया था कि शाह अपनी यात्रा के दौरान इस मुद्दे का उल्लेख करेंगे। उन्होंने पिछले सप्ताह कहा था कि हां शाह अपने यूटी दौरे के दौरान पहाड़ी समुदाय को एसटी का दर्जा देने के संबंध में एक महत्वपूर्ण घोषणा करेंगे।राज्य भाजपा के एक नेता के अनुसार, शाह की रैलियां उन क्षेत्रों में निर्धारित हैं जहां पहाड़ी समुदाय के सदस्यों का प्रभाव है।भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सुरिंदर अंबरदार ने कहा कि वे कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की भी उम्मीद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि अमित शाह की रैली के दौरान जम्मू-कश्मीर के लिए कुछ विकास परियोजनाओं की घोषणा की जाएगी।
