क्या हिमाचल में सियासी संकट टाल पाएंगे सुक्खू? नरम पड़े विक्रमादित्य सिंह के तेवर, अब बागी MLAs पर नजर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 29, 2024, 06:53 AM IST

Himachal Pradesh Political Crisis: राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के 6 विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग के बाद सरकार पर सियासी संकट मंडराने लगा है। हालांकि, इस बीच कांग्रेस का आलाकमान एक्टिव हो गया है और उसने तीन पर्यवेक्षकों को शिमला भेजा है, जो कांग्रेस विधायकों से बारी-बारी से मुलाकात कर रहे हैं।

Himachal Pradesh Political Crisis: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के ऊपर छाए सियासी संकट के बीच कुछ राहत भरी खबर है। दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और राज्य सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह के तेवर नरम पड़ने लगे हैं। केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक के बाद विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफे के उनके प्रस्ताव को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा अस्वीकार करने का उल्लेख किया और पार्टी में एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।

Sukhwinder Singh Sukhu

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

बता दें, राज्यसभा चुनाव के दौरान छह विधायकों के क्रॉस वोटिंग के बाद राज्य सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे थे। इस बीच विक्रमादित्य सिंह ने इस्तीफे की पेशकश करके राज्य की सुक्खू सरकार की मुसीबत बढ़ा दी थी। हालांकि, कुछ घंटे बाद ही मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वह इस पर जोर नहीं देंगे।

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