Stray Dogs from Streets to Shelters: दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या को 'अत्यधिक गंभीर' बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शहर की सरकार और नगर निकायों को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को उठाना शुरू करें और उन्हें आश्रय स्थलों में रखें। आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज की 'अत्यंत गंभीर' स्थिति, खासतौर पर बच्चों में, को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाकर 'यथाशीघ्र' आश्रय स्थलों (Shelter) में स्थायी रूप से स्थानांतरित करें।
दिल्ली एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर बड़ा आदेश (फोटो: istock)
न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कहा कि फिलहाल लगभग 5,000 आवारा कुत्तों के लिए आश्रय गृह बनाए जाने चाहिए और कुत्तों के बधियाकरण और टीकाकरण के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मचारी तैनात किए जाने चाहिए।पीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों को आश्रय स्थलों में रखा जाए और उन्हें सड़कों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर न छोड़ा जाए।
आवारा कुत्तों को सड़कों से आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने के निर्देश की मुख्य बातों को समझें-
* दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के नगर निगम अधिकारी जल्द से जल्द सभी इलाकों से कुत्तों को हटाना शुरू करें।
* दिल्ली सरकार और नगर निकाय तत्काल कुत्तों के लिए आश्रय स्थल बनाए और आठ सप्ताह के भीतर ऐसे बुनियादी ढांचे के निर्माण पर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
* आवारा कुत्तों के नसबंदी और टीकाकरण के लिए आश्रय गृहों में पर्याप्त कर्मचारी होने चाहिए।
* आवारा कुत्तों को आश्रय गृहों में बंद रखा जाए तथा उन्हें सड़कों, कॉलोनियों या सार्वजनिक स्थानों पर न छोड़ा जाए।
* कुत्तों के आश्रय स्थलों की सीसीटीवी से निगरानी की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई कुत्ता बाहर न छोड़ा जाए या न ले जाया जाए।
* यह ‘प्रगतिशील कार्य’ है और दिल्ली के अधिकारी अगले छह से आठ सप्ताह में लगभग 5,000 कुत्तों के लिए आश्रय गृह बनवाएं।
* इस प्रक्रिया में कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
* यदि कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को आश्रय स्थल पर ले जाने में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उसके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सकती है।
* शिशुओं और छोटे बच्चों को किसी भी कीमत पर कुत्ते के काटने का शिकार नहीं बनने देना चाहिए, जिससे रेबीज हो सकता है।
* अधिकारी पकड़े गए और आश्रय गृहों में रखे गए आवारा पशुओं का रिकॉर्ड रखेंगे।
* अधिकारी एक सप्ताह के भीतर कुत्ते के काटने की शिकायतें दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन स्थापित करें।
*अधिकारी कुत्ते के काटने के पीड़ितों को तत्काल सहायता के लिए चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दें।
* अधिकारी उन स्थानों के बारे में विस्तृत जानकारी दें जहां रेबीज के टीके उपलब्ध हैं, साथ ही टीकों के स्टॉक की भी जानकारी दें।
* सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि स्थिति 'बेहद गंभीर' है, कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज के खतरे को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
