दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के आयोजन और संचालन को नियंत्रित करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू करने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है। ट्रेडर्स एसोसिएशन और अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित अधिकारियों को मामले में निर्देश लेकर आने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।
दिल्ली हाईकोर्ट (फोटो-ANI)
प्रदर्शनों से व्यापारियों को नुकसान होने का दावा
याचिका में आरोप लगाया गया है कि हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि प्रदर्शन के चलते बाजारों तक पहुंच बाधित हुई और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ा। उन्होंने अदालत से मांग की है कि प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए पहले से मौजूद SOP को प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए।प्रदर्शन के अधिकार और कारोबार के बीच संतुलन की मांग
याचिकाकर्ताओं की दलील है कि उनकी मांग विरोध प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगाने की नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की है कि प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों का कामकाज और आम लोगों की आवाजाही बाधित न हो। उनका कहना है कि निर्धारित नियमों के पालन से प्रदर्शन के अधिकार और व्यापारिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।
ASG चेतन शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने अदालत को बताया कि विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मुद्दे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि याचिका में उठाए गए सवाल और मांगी गई राहत काफी हद तक सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामले के दायरे में आते हैं। इसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को मामले में निर्देश लेकर आने को कहा। अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया और अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को तय की।
16 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
मामले में अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं दी है और संबंधित अधिकारियों से निर्देश लेकर आने को कहा है। अब 16 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में मामले पर आगे विचार किया जाएगा। याचिका में व्यापारियों को हुए कथित आर्थिक नुकसान का आंकड़ा याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश किया गया है; अदालत ने फिलहाल इस दावे पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है।
