Heron Drone News: भारतीय वायुसेना ने अपने बेड़े में एक ऐसा घातक हथियार शामिल किया है, जिससे दुश्मनों की नींद उड़ गई है। चीन और पाकिस्तान के हर नापाक मंसूबों को ये गेमचेंजर हथियार बर्बाद कर देगा। रविवार को इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में हेरॉन मार्क 2 ड्रोन को शामिल किया गया। इस ड्रोन को इजरायली ब्रह्मास्त्र भी कहा जाता है। खास बात ये है कि हेरॉन ड्रोन एक ही बार में पाकिस्तान और चीन की सरहदों का चक्कर लगा सकता है और जरूरत पड़ी तो मिसाइलें भी दाग सकता है। आपको सबसे पहले इस ड्रोन की 10 खूबियों को जानना चाहिए।
भारतीय वायुसेना के बेड़े में हेरॉन ड्रोन हुआ शामिल।
1). कैसे मिशन को अंजाम देता है ये ड्रोन?
हेरॉन मार्क 2 ड्रोन में एयरबॉर्न सर्विलांस विजिबल लाइट, थर्मोग्राफिक कैमरा, रडार सिस्टम जैसे यंत्र लगे होते हैं। मिशन पूरा करने के लिए ये ड्रोन अपने बेस से उड़ता है और मिशन को अंजाम देने के बाद खुद ही बेस पर वापस लौट आता है।
2). एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों से होगा लैस
इजरायली हेरॉन ड्रोन को अपग्रेड किया जा रहा है। इसे लेज़र गाइडेड बम, हवा से जमीन, हवा से हवा और हवा से एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों से लैस करने की तैयारी है।
3). इसके उड़ान की क्षमता बेहद दमदार
अगर एक बार हेरॉन ड्रोन हवा में उड़ा तो 36 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम है। ये ड्रोन जमीन से साढ़े दस किलोमीटर (35 हजार फीट) की ऊंचाई पर बेहद शांति से उड़ता रहता है।
4). मैन्युअल और ऑटोमैटिक कंट्रोल सिस्टम
हेरॉन ड्रोन को कंट्रोल करने के लिए जमीन पर ही एक ग्राउंड स्टेशन बनाया जाता है। इस स्टेशन में ऑटोमैटिक और मैन्युअल कंट्रोल सिस्टम होता है।
5). हर मौसम में दुश्मन के ठिकानों को करेगा तबाह
इजरायली हेरॉन ड्रोन की एक और खास बात ये है कि ये हर मौसम में उड़ान भरने में सक्षम है। इस ड्रोन की इसकी संचार प्रणाली लगातार ग्राउंड स्टेशन से सीधे संपर्क में रहती है। साथ ही इसके कम्युनिकेशन सिस्टम को सैटेलाइट के जरिए भी लिंक किया जा सकता है।
6). हेरॉन ड्रोन का कुल वजन 250 किलोग्राम
इसके नेविगेशन को कंट्रोल करने के लिए भी विकल्प हैं। इसमें प्री-प्रोगाम्ड फुली ऑटोमैटिक नेविगेशन को रन किया जा सकता है। दूसरी विकल्प है कि आप मैन्युअली रिमोट के जरिए इसे नेविगेट कर सकते हैं। इस ड्रोन का कुल वजन 250 किलोग्राम है।
7). एंटी-जैमिंग तकनीक से लैस है हेरॉन ड्रोन
हेरॉन ड्रोन सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसे जैम करने का कोई भी तरीका कारगर साबित नहीं होगा। ये ड्रोन्स एंटी-जैमिंग तकनीक से लैस है। जो पहले के ड्रोन्स की तुलना में काफी अधिक धाकड़ है।
8). आसमान से ही टारगेट को लॉक करने में सक्षम
ये इजरायली ड्रोन टारगेट को आसमान से ही लॉक कर लेता है और सटीक पोजिशन आर्टिलरी यानी टैंक या इंफ्रारेड सीकर मिसाइल को दे सकता है। आम शब्दों में समझें तो ये ड्रोन अपने टारगेट पर सटीक हमला कर सकता है।
9). थर्मोग्राफिक कैमरे की मदद से होता है ये काम
हेरॉन ड्रोन में थर्मोग्राफिक कैमरा लगा है, इसके जरिए अंधेरे में या फिर रात में देखने में मदद मिलती है। सेंसर्स और कैमरा के जरिए दुश्मन के ठिकानों का सही पता लगता है।
10). कई तरह के रडार और इंटेलिजेंस सिस्टम से लैस
ये ड्रोन एयरबॉर्न सर्विलांस विजिबल लाइट से लैस है। ये ग्राउंड सर्विलांस दिन की रोशनी में तस्वीरें खींच सकती हैं। इसमें तई तरह के रडार सिस्टम लगे हैं।
इस ड्रोन को लेकर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ने ANI से कहा- 'हेरॉन मार्क 2 एक बहुत ही सक्षम ड्रोन है। यह लंबे समय तक चलने में सक्षम है और इसमें 'दृष्टि की रेखा से परे' क्षमता है। इससे पूरे देश की एक ही जगह से निगरानी की जा सकती है।'
