झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़गाईं जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने स्पेशल पीएमएलए (PMLA) कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की उनकी मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब निचले अदालत में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
CM हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट से बड़ा झटका (फाइल फोटो)
मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस एसएन प्रसाद की एकल पीठ ने हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल हस्तक्षेप याचिका (IA) को सिरे से खारिज कर दिया। सोरेन ने अपनी याचिका में पीएमएलए कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी डिस्चार्ज अर्जी यानी केस से नाम हटाने की मांग को खारिज कर दिया गया था। साथ ही उन्होंने हाई कोर्ट में मुख्य याचिका पर फैसला आने तक ईडी कोर्ट की सुनवाई पर अंतरिम रोक लगाने का आग्रह किया था।
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रांची की विशेष ईडी अदालत क्या बोली?
गौरतलब है कि इससे पहले जून महीने में रांची की विशेष ईडी अदालत ने माना था कि जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर सीएम सोरेन के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इस आधार पर कोर्ट ने उन्हें केस से बरी करने की याचिका खारिज कर दी थी।
अगली तारीख 14 अक्टूबर तय
हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब मुख्यमंत्री सोरेन को पीएमएलए कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है। ईडी की विशेष अदालत में 19 सितंबर को आरोप तय करने (चार्ज फ्रेमिंग) के बिंदु पर सुनवाई होनी है। वहीं दूसरी ओर, हाई कोर्ट में उनकी मुख्य याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी, जिसके लिए कोर्ट ने अगली तारीख 14 अक्टूबर तय की है। फिलहाल इस न्यायिक फैसले से मुख्यमंत्री की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
