Heatwave in North India: दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है और कुछ स्थानों पर तापमान 45-47 डिग्री तक पहुंच गया है। अगले कुछ दिनों में इससे राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इस मौसम में गर्मी से बचने और हीटस्ट्रोक, निर्जलीकरण और अन्य गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचने के लिए उपाय करना और सावधान रहना बेहद जरूरी है। उच्च तापमान शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है और मस्तिष्क, दिल, गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है। इस मौसम बाहर निकलने से बचना चाहिए और खुद को अच्छी तरह से हाइड्रेट रखना चाहिए।
उत्तर भारत में हीटवेव का कहर
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कई जगहों पर तापमान 47 डिग्री पार
आज जारी आईएमडी बुलेटिन के अनुसार, राजस्थान के कुछ हिस्सों में मंगलवार से शुक्रवार तक और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में सोमवार और मंगलवार को भीषण गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। इस बीच, इस सप्ताह गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति की भी भविष्यवाणी की गई है। रविवार को देश भर में कम से कम आठ स्थानों पर पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया या पार कर गया। दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र में 47.8 डिग्री दर्ज किया गया, जिससे यह पिछले तीन दिनों में दूसरी बार देश का सबसे गर्म स्थान बन गया।
इन जिलों में गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड
राजस्थान में, श्रीगंगानगर और अंता में सबसे अधिक तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में नूंह 47.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। इस बीच, पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब में फरीदकोट 44 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, इसके बाद अमृतसर 43.9 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा। मध्य प्रदेश के दतिया में 47.5 डिग्री, जबकि उत्तर प्रदेश के आगरा में 47.7 डिग्री और झाँसी में 47.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
आईएमडी ने भी जताई चिंता
आईएमडी ने भीषण गर्मी के मद्देनजर चिंता जताई है और लू प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से आग्रह किया है कि वे जोखिम से बचें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर ढकने के लिए टोपी और छाते का उपयोग करें। मौसम कार्यालय ने कहा कि सभी उम्र के लोगों में गर्मी की बीमारी और हीट स्ट्रोक विकसित होने की बहुत अधिक संभावना है। खासकर शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों वाले कमजोर व्यक्तियों के लिए यह एक स्वास्थ्य चिंता का विषय है।
शरीर को हो सकता है घातक नुकसान
45 डिग्री और उससे अधिक तापमान का शरीर पर असर पड़ सकता है और हीट स्ट्रोक जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। इससे बुखार, भ्रम, चक्कर आना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। लंबे समय तक प्रचंड गर्मी में रहने से मस्तिष्क, हृदय और अहम अंगों को भी नुकसान हो सकता है। शरीर को ठंडा नहीं रखने पर यह घातक भी हो सकता है। इस मौसम में किस तरह की पांच बड़ी दिक्कतें हो सकती है जानिए।
1. गर्मी से थकावट और लू लगना
जब शरीर लंबे समय तक उच्च तापमान के संपर्क में रहता है, तो उसे सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इससे थकावट हो सकती है, जिसमें भारी पसीना, कमजोरी, चक्कर आना, मतली और सिरदर्द जैसे लक्षण शामिल हैं। अगर तुरंत इलाज नहीं किया गया तो थकावट हीट स्ट्रोक में बदल सकती है।
2. निर्जलीकरण
अत्यधिक गर्मी में शरीर ठंडा होने की कोशिश करते हुए पसीने के जरिए तेजी से पानी खो देता है। इससे निर्जलीकरण हो सकता है। शरीर जरूरत से अधिक तरल पदार्थ खो देता है, जिसके कारण शरीर में पानी कमी हो जाती है।
3. हृदय संबंधी तनाव
उच्च तापमान हृदय प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है। अत्यधिक गर्मी से हृदय रोगों से पीड़ित व्यक्ति, बुजुर्ग और उच्च रक्तचाप वाले लोग विशेष रूप से असुरक्षित होते हैं।
4. सांस संबंधी समस्याएं
ऊंचा तापमान वायु की गुणवत्ता को खराब कर सकता है। खराब हवा और गर्मी मिलकर श्वसन प्रणाली के लिए दिक्कत पैदा कर सकती है और अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
5. त्वचा संबंधी समस्याएं
उच्च तापमान और पसीने से घमौरियां हो सकती हैं। इस दौरान पसीने की नलिकाएं अवरुद्ध हो जाती हैं जिससे त्वचा पर खुजली वाले लाल दाने हो जाते हैं। इसके अलावा अत्यधिक धूप में रहने से सनबर्न का खतरा बढ़ जाता है, जिससे त्वचा को नुकसान हो सकता है और त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
