SIR hearing in SC : पश्चिम बंगाल में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ दायर ममता सरकार की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने कहा है कि बनर्जी इसी मामले में दायर अन्य याचिकाओं पर बुधवार को होने वाली अहम सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय में मौजूद रह सकती हैं। उच्चतम न्यायालय की वेबसाइट के अनुसार प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत , न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ मोस्तरी बानू और टीएमसी सांसदों डेरेक ओ ब्रायन व डोला सेन की तीन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
एसआईआर का विरोध कर रही है ममता सरकार।
सूत्रों ने कहा कि एलएलबी की डिग्री धारक मुख्यमंत्री बनर्जी सुनवाई में उपस्थित होकर अपनी दलीलें पेश कर सकती हैं। बनर्जी ने यह याचिका 28 जनवरी को दायर की थी। इस मामले में उन्होंने निर्वाचन आयोग (ईसी) और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पक्ष बनाया था। बनर्जी ने इससे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) को पत्र लिखकर चुनाव से पहले राज्य में जारी "मनमाने और खामियों से भरे" एसआईआर को रोकने का आग्रह किया था।
एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए-SC
उच्चतम न्यायालय ने 19 जनवरी को विभिन्न निर्देश जारी करते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी को असुविधा नहीं होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का आह्वान किया और इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों से समर्थन मांगा। बनर्जी अपने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ अभियान के तहत राष्ट्रीय राजधानी में हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अहंकार दिखाया-ममता
एक दिन पहले, बनर्जी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ एसआईआर मुद्दे पर कुमार और अन्य निर्वाचन आयुक्तों के साथ हुई बैठक को बीच में छोड़कर बाहर निकल गई थीं और आरोप लगाया था कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अहंकार दिखाया और उन्हें अपमानित किया। राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, ममता बनर्जी ने दावा किया कि मतदाता सूची से जिन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, वे उनकी पार्टी के समर्थक हैं। बनर्जी के साथ एसआईआर से कथित रूप से प्रभावित पश्चिम बंगाल के बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद थे।
सीईसी को पद से हटाना चाहती हैं ममता
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को जवाबदेह ठहराने के लिए पूर्वव्यापी प्रभाव से कानून लाने के विचार का तृणमूल कांग्रेस समर्थन करती है या नहीं, इस सवाल पर बनर्जी ने कहा, 'हम भी चाहते हैं कि उन्हें (मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को) पद से हटाया जाए।’ उन्होंने कहा, 'हमारे पास पर्याप्त आंकड़े (सांसद) नहीं हैं, लेकिन एक प्रावधान है। इसे दर्ज किया जाएगा। अगर वे (कांग्रेस) ऐसा कुछ करते हैं, तो हम भी अपने पार्टी सांसदों से इस पर चर्चा करेंगे। जब जनहित की बात आती है, तो हम मिलकर काम करते हैं।’
