yogi adityanath on hathras stampede incident: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को स्पष्ट कर दिया कि हाथरस हादसे में जो भी लोग जिम्मेदार हैं उन्हें उनकी सजा दिलाई जाएगी। कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा। इसके लिए सीएम योगी ने हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच के भी आदेश दे दिए हैं। हाथरस में घटनास्थल का मुआयना और समीक्षा करने के साथ-साथ घायलों से मिलने के बाद सीएम योगी ने प्रेस वार्ता के माध्यम से इस पूरी घटना की तह में जाने की बात कही।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंचे
उन्होंने कहा कि इस पूरे आयोजन में अंदर की व्यवस्था आयोजन से जुड़े सेवादारों की थी, जबकि प्रशासन द्वारा बाहर पुलिस की व्यवस्था की गई थी, लेकिन हादसा होने के तुरंत बाद सेवादार वहां से भाग निकले। यहां तक कि उन्होंने हादसे के बाद लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की।
'बहुत सारे ऐसे पहलू हैं, जिन पर जांच होना बहुत आवश्यक है'
सीएम योगी ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के लिए हमने एडीजी आगरा की अध्यक्षता में एक एसआईटी गठित की है, जिसने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी है। उन्हें इस घटना के तह में जाने के लिए कहा गया है। बहुत सारे ऐसे पहलू हैं, जिन पर जांच होना बहुत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर उनपर हमला बोला, कहा- 'कुछ लोगों की प्रवृत्ति होती है कि इस प्रकार के दुखद घटनाओं में भी राजनीति करते हैं...चोरी भी और सीनाजोरी भी...ये सब जानते हैं कि किस सज्जन की फोटो किसके साथ में हैं।'
'ऐसे लोगों की फितरत है चोरी भी और सीनाजोरी भी'
विपक्षी नेताओं द्वारा हादसे पर की जा रही राजनीति को लेकर सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों की यह प्रवृत्ति होती है कि इस प्रकार की दुखद और दर्दनाक घटनाओं में भी वो राजनीति ढूढ़ते हैं। ऐसे लोगों की फितरत है चोरी भी और सीनाजोरी भी।यह हर व्यक्ति जानता है कि कथावाचक सज्जन के फोटो किसके साथ हैं। उनके राजनीतिक संबंध किसके साथ जुड़े हुए हैं। आपने देखा होगा कि पिछले दिनों रैलियों के दौरान इस तरह की भगदड़ कहां मचती थी और कौन उसके पीछे थे। मुझे लगता है कि इन सबकी तह में जाना आवश्यक है। जो लोग निर्दोष लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करते हैं उनकी जवाबदेही भी तय होगी।
भोले बाबा के विरुद्ध एफआईआर नहीं होने के प्रश्न पर सीएम योगी ने कहा कि प्रथम दृष्टया एफआईआर उन पर होती है जिन्होंने एप्लीकेशन की परमीशन मांगी थी। इसके बाद इसका दायरा बढ़ता है। निश्चित रूप से जो लोग भी इस घटना के जिम्मेदार होंगे वो सभी इसके दायरे में आएंगे।
'सेवादार भी लोगों को धक्का देते गए'
सीएम योगी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल लोगों ने बातचीत में बताया कि हादसा उस समय हुआ जब कार्यक्रम के उपरांत कथावाचक का काफिला जीटी रोड पर आया तो उन्हें छूने के लिए महिलाओं का एक दल उधर बढ़ गया। उनके पीछे-पीछे भीड़ गई और इसी के बाद वो एक-दूसरे के ऊपर चढ़ते गए। सेवादार भी लोगों को धक्का देते गए, जिसके चलते जीटी रोड के दोनों ओर ये हादसा घटित हुआ। इसका सबसे दुखद पहलू ये था कि इस तरह के कार्यक्रम के दौरान जो सेवादार प्रशासन को अंदर घुसने नहीं देते, दुर्घटना होने के तत्काल बाद उन्होंने मामले को दबाने का प्रयास किया। लेकिन जब प्रशासन ने घायलों को अस्पताल ले जाने की कार्यवाही शुरू की तो उनमें से ज्यादातर सेवादार वहां से भाग गए।
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'नाबालिग बच्चों को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पढ़ाई की व्यवस्था कराएंगे'
सीएम ने कहा कि जो निर्दोष लोग इस हादसे के शिकार हुए हैं उनके नाबालिग बच्चों को हम लोग उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पढ़ाई की व्यवस्था कराएंगे। वो जिन भी स्कूलों या संस्था में पढ़ रहे होंगे राज्य सरकार व्यवस्था करेगी। हादसे में मृतक लोगों के परिजनों को केंद्र और राज्य की ओर से कुल 4 लाख रुपए और घायलों को कुल एक लाख रुपए की सहायता प्रदान कर रहे हैं।
