13 साल से कोमा में हरीश राणा, एम्स में शुरू हुई ‘गरिमामयी मृत्यु’ की प्रक्रिया, लेकिन इन वजहों से लगेगा समय

एम्स के सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद हरीश राणा को अस्पताल में भर्ती किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। इस टीम में पैलिएटिव केयर, न्यूरोलॉजी और एनेस्थिसिया विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर शामिल हैं...

Harish Rana Case: हरीश राणा के मामले में सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद दिल्ली के एम्स में पैसिव यूथेनेशिया यानी निष्क्रिय इच्छामृत्यु की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें ‘गरिमामयी मृत्यु’ (Dignified Death) देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एम्स के सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद हरीश राणा को अस्पताल में भर्ती किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड बनाया गया है। इस टीम में पैलिएटिव केयर, न्यूरोलॉजी और एनेस्थिसिया विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर शामिल हैं, जो उनकी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

Harisha Rana case

हरीश राणा की गरिमामय मृत्यु की प्रक्रिया

हरीशा राणा को 13 साल पहले लगी थी गंभीर चोट

करीब 13 साल पहले हरीश राणा के सिर में गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद से वह कभी होश में नहीं आ सके और वेजिटेटिव स्टेट में ही जीवन जी रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनके दिमाग का सामान्य कामकाज लगभग बंद हो चुका है, लेकिन ब्रेनस्टेम काम कर रहा है, इसलिए वह खुद से सांस ले पा रहे हैं।

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