पार्टी कोई भी हो जीत इन्हीं की होती है, गोधरा से 6 बार बन चुके हैं विधायक; बिलकीस के रेपिस्टों को बताया था 'संस्कारी'

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 12, 2022, 09:28 PM IST

बीजेपी के चंद्रसिंह राउलजी गुजरात सरकार की उस समिति का हिस्सा थे, जिसने सर्वसम्मति से 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के साथ बलात्कार करने और उसकी तीन साल की बेटी सहित उसके परिवार के नौ सदस्यों की हत्या करने के दोषी 11 लोगों को रिहा करने का फैसला किया था।

Gujarat Election: गुजरात विधानसभा की गोधरा सीट पर चंद्रसिंह राउलजी का कब्जा पिछले कई सालों से बरकरार है। जनता दल से अपनी राजनीति की शुरूआत करने वाले राउलजी कई पार्टियों में रह चुके हैं, लेकिन गोधरा सीट की कहानी ऐसी है कि चंद्रसिंह रहें किसी भी पार्टी में, जीत उन्हीं की होती है, हालांकि इस बार उनकी राह थोड़ी मुश्किल लग रही है। बिलकीस बानो के रेपिस्टों को लेकर दिया गया बयान उनके खिलाफ जा सकता है।

chandrasinh raulji

बीजेपी विधायक चंद्रसिंह राउलजी

कौन हैं चंद्रसिंह राउलजी

चंद्रसिंह राउलजी गोधरी सीट से अपराजेय रहे हैं, गोधरा दंगों के पहले भी और बाद भी में वो इस सीट से जीतते रहे हैं। इनकी जीत में एक महत्वपूर्ण भूमिका इस सीट पर मौजूद अल्पसंख्यक निभाते रहे हैं। इन वोटों के बारे में कहा जाता है कि ये एकमुश्त राउलजी को जाता है। राउलजी ने अपनी राजनीति की शुरूआत जनता दल से की थी। 1990 में पहली बार गोधरा सीट से चुने गए थे। एक साल के अंदर ही बीजेपी में शामिल हो गए और उपचुनाव में फिर से जीत गए। इसके बाद ये शंकर सिंह वघेला के साथ चले गए। जब वघेला ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया तो वो कांग्रेस के साथ हो लिए। इसके बाद 2007 और 2012 में कांग्रेस से चुनाव लड़े और जीत हासिल की।

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