Graham Staines Murder Case: ग्राहम स्टेंस हत्याकांड में ओडिशा सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दोषी दारा सिंह की सजा माफी याचिका खारिज कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह के वकील को अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि आप सजा माफी याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती देने के लिए जो भी आधार चाहें इस्तेमाल कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह के वकील को उचित संशोधन आवेदन दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
दारा सिंह को राहत नहीं
दारा सिंह की याचिका हुई थी खारिज
1999 के ग्राहम स्टेंस हत्याकांड में दोषी दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। ओडिशा सरकार ने अदालत को बताया कि दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की मांग खारिज कर दी गई है। ओडिशा सरकार के मुताबिक राज्य सजा समीक्षा बोर्ड ने मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया। अपराध की गंभीरता को भी ध्यान में रखा गया। इसके बाद दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की सिफारिश नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट ने दारा सिंह के वकील को ओडिशा सरकार के इस फैसले को चुनौती देने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। अदालत ने मामले को तीन हफ्ते बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
रिहाई की मांग क्यों खारिज हुई थी?
राज्य सजा समीक्षा बोर्ड ने 31 अगस्त की बैठक में दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की सिफारिश नहीं की। बोर्ड के सामने रखी रिपोर्ट में सामाजिक प्रभाव और संभावित सांप्रदायिक तनाव को लेकर चिंता जताई गई थी। क्योंझर जिला प्रशासन की रिपोर्ट में बताया गया था कि 15 अगस्त को करीब 200 से 250 लोग दारा सिंह की प्रस्तावित रिहाई के सिलसिले में जिला जेल के बाहर जमा हुए थे। रिपोर्ट में कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगाए जाने की बात भी कही गई थी।
बोर्ड ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट को स्पष्ट सिफारिश के अभाव में अधूरा और निर्णायक नहीं माना। इसके बाद बोर्ड ने कहा कि वह फिलहाल दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की सिफारिश करने के पक्ष में नहीं है।
पहले भी खारिज हो चुकी है रिहाई की मांग
दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की मांग इससे पहले भी 2016, 2019, 2020, 2022 और 2023 में खारिज हो चुकी है। इन फैसलों में सामाजिक प्रभाव और इलाके में संभावित सांप्रदायिक तनाव जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया गया था। दारा सिंह ने 2024 में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने लंबे समय तक जेल में रहने का हवाला देते हुए समय से पहले रिहाई पर विचार करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ओडिशा सरकार को उनकी मांग पर फैसला लेने का निर्देश दिया था।
क्या है ग्राहम स्टेंस हत्याकांड?
जनवरी 1999 में ओडिशा के क्योंझर जिले के मनोहरपुर में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो नाबालिग बेटों फिलिप और टिमोथी की उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे एक वाहन में सो रहे थे। मामले में दारा सिंह को दोषी ठहराया गया। 2003 में दारा सिंह को मौत की सजा सुनाई गई थी। बाद में ओडिशा हाई कोर्ट ने उनकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा।
अब सुप्रीम कोर्ट के सामने सवाल ओडिशा सरकार के समय से पहले रिहाई की मांग खारिज करने के फैसले का है। दारा सिंह की ओर से इस फैसले को चुनौती दी जाएगी और मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी।
