47 दिन पहले ही संसद सत्र तारीखों का ऐलान, विशेष सत्र की मांग नहीं हुई पूरी...बिफरी कांग्रेस, सरकार को घेरा

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि 47 दिन पहले संसद सत्र की तारीखों की घोषणा की जाए। उन्होंने दावा किया कि ऐसा केवल पहलगाम के निर्मम आतंकी हमले और हत्या करने वाले आतंकवादियों को न्याय के कठघरे में लाने में विफलता पर चर्चा करने के लिए विशेष सत्र बुलाने की मांग से बचने के लिए किया गया है।

Parliament Session: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष की विशेष सत्र की मांग तो पूरी नहीं हुई, उस पर सरकार ने 47 दिन पहले ही संसद सत्र की तारीखों का ऐलान कर दिया। इसे लेकर केंद्र सरकार पर कांग्रेस बिफर उठी है और उस पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। विपक्ष के कुछ प्रमुख दलों ने सरकार द्वारा संसद के मॉनसून सत्र की घोषणा किए जाने के बाद आरोप लगाया कि सरकार पहलगाम आतंकी हमले के बाद घटनाक्रम पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की मांग से भाग खड़ी हुई है, लेकिन उसे कठिन सवालों के जवाब देने होंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को कहा कि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा।

Jairam ramesh

जयराम रमेश का केंद्र सरकार पर निशाना

जयराम रमेश ने बोला सरकार पर हमला

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने इन तारीखों की सिफारिश की है। उधर, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि 47 दिन पहले संसद सत्र की तारीखों की घोषणा की जाए। रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, आम तौर पर संसद सत्र की तारीखों की घोषणा कुछ दिन पहले की जाती है। कभी भी सत्र शुरू होने से 47 दिन पहले तारीखें घोषित नहीं की गईं। उन्होंने दावा किया कि ऐसा केवल पहलगाम के निर्मम आतंकी हमले और हत्या करने वाले आतंकवादियों को न्याय के कठघरे में लाने में विफलता पर चर्चा करने के लिए तत्काल विशेष सत्र बुलाने की कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के घटक दलों द्वारा बार-बार की जा रही मांग से बचने के लिए किया गया है।

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