Independence Day 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए व्यापक कदम उठा रही है और सुधारों का उद्देश्य इनमें अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से अंकुश लगाना तथा परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं युवाओं के लिए भरोसेमंद बनाना है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और समाज एकजुट रहते हैं, उसी तरह छात्रों के वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए सभी को मिलकर और ठोस प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने कहा, ''सार्वजनिक परीक्षाएं, विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोलती हैं। इसलिए, सरकार इन परीक्षाओं में सुधार के लिए व्यापक कदम उठा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य है कि सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से अंकुश लगे, परीक्षा प्रणाली और अधिक पारदर्शी तथा युवाओं के लिए सुरक्षित एवं भरोसेमंद बने।''
उनकी यह टिप्पणी, हाल में देश भर में 'जेन-जी' और छात्रों के उन विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में मायने रखती है, जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की गड़बड़ियों के बाद व्यवस्था में बड़े बदलाव, तेजी से जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।
युवा नागरिकों में उद्यमशीलता की भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि वे नौकरी खोजने के बजाय नौकरी पैदा करने की संस्कृति को तेजी से अपना रहे हैं।
सर्वांगीण विकास की बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं की शारीरिक और मानसिक सेहत ही देश के भविष्य की नींव है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को प्रेरित करने की सामूहिक जिम्मेदारी परिवारों और समाज की है।
उन्होंने 'खेलो इंडिया' कार्यक्रम के तहत युवाओं के विकास और राष्ट्र-निर्माण के लिए खेल को एक अहम जरिया बताया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों के ''असाधारण साहस'' की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने सटीक तरीके से आतंकवाद-विरोधी अभियान चलाने की देश की क्षमता को प्रदर्शित किया और यह कड़ा संदेश दिया कि आतंकवादी और उनके मददगार चाहे कहीं भी छिपे हों, उन्हें अंजाम भुगतना ही होगा।
राष्ट्रपति ने आतंकवाद-विरोधी रुख के साथ अपनाए गए रणनीतिक उपायों पर भी जोर दिया। उन्होंने आतंकवादी नेटवर्क को संरक्षण देने वाले देश के साथ 'सिंधु जल संधि' को निलंबित करने के फैसले को ''राष्ट्र, खासकर किसानों के हित में निर्णायक कदम'' बताया।
मुर्मू ने आंतरिक सुरक्षा के मामले में, दशकों के संघर्ष के बाद नक्सलवाद को खत्म करने को एक बड़ी उपलब्धि करार दिया।
उन्होंने कहा, ''दशकों तक नक्सलवाद देश के लिए एक गंभीर चुनौती बना रहा। भारत को नक्सल-मुक्त बनाना एक बड़ी उपलब्धि है। जो इलाके कभी नक्सलवाद से प्रभावित थे, आज वहां उत्साह का माहौल है।''
राष्ट्रपति ने कहा कि न्यायिक प्रणाली से जुड़े हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा, ''हर नागरिक को विशेषकर वंचित वर्गों के लोगों को समानता के आधार पर सम्मान के साथ, समय से न्याय मिलना चाहिए।'' उन्होंने यह भी कहा कि स्वदेशी आंदोलन के दौरान वंदे मातरम् जन-जन का गीत बन गया।
