कैलाश मानसरोवर यात्रा: नाथु ला और लिपुलेख ला को बनाया गया अस्थायी आव्रजन चौकी, 5 साल बाद शुरू हो रही यात्रा

यह यात्रा वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण निलंबित कर दी गई थी और इसके बाद भारत-चीन सीमा तनाव के कारण स्थगित रही। यह यात्रा अब फिर से शुरू हो रही है।

Kailash Manasarovar Yatra: गृह मंत्रालय ने सोमवार को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम स्थित नाथु ला और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले स्थित लिपुलेख ला को अस्थायी रूप से अधिकृत आव्रजन चौकी घोषित किया है। यह व्यवस्था तीर्थयात्रियों के भारत में प्रवेश और निकास को सुगम बनाने के लिए की गई है। विदेश मंत्रालय प्रत्येक वर्ष जून से सितंबर के दौरान लिपुलेख दर्रा और नाथू ला दर्रा से कैलाश मानसरोवर यात्रा का आयोजन करता है।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा

2020 में कोविड-19 महामारी के कारण निलंबित

यह यात्रा वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण निलंबित कर दी गई थी और इसके बाद भारत-चीन सीमा तनाव के कारण स्थगित रही। यह यात्रा अब फिर से शुरू हो रही है। गृह मंत्रालय से जारी एक अधिसूचना में कहा कि केंद्र सरकार ने पूर्वी सिक्किम जिले में स्थित नाथू ला चेक-पोस्ट को कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीर्थयात्रियों के लिए वैध यात्रा दस्तावेजों के साथ भारत में प्रवेश/बाहर निकलने के लिए अस्थायी आधार पर अधिकृत आव्रजन चेक-पोस्ट के रूप में नामित किया है।

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