goa nightclub fire: उत्तरी गोवा के नाइट क्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक नाइट क्लब में हुए अग्निकांड के मामले में अरपोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर को हिरासत में लिया गया है। साथ ही क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। गोवा पुलिस ने जानकारी दी है। इस नाइट क्लब में हुई दिल दहला देने वाली इस घटना में 25 लोगों की मौत हो गई है। यह नाइट क्लब राज्य की राजधानी पणजी से लगभग 25 किलोमीटर दूर अरपोरा में स्थित है। यह पार्टी स्थल पिछले साल ही खुला था।
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड मामला। फोटो- PTI
इससे पहले, अरपोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर ने बताया था कि क्लब सौरभ लूथरा संचालित करते थे। उनका अपने साझेदार के साथ विवाद चल रहा था। उन्होंने पंचायत में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद जब हमने परिसर का निरीक्षण किया और पाया कि उनके पास क्लब निर्माण की अनुमति नहीं थी। इसके बाद पंचायत ने क्लब ढहाए जाने का नोटिस भी जारी किया था, जिस पर पंचायत निदेशालय के अधिकारियों ने रोक लगा दी थी।
उन्होंने बताया कि परिसर के मूल मालिक ने लूथरा को यह जगह किराए पर दे दी थी। उन्होंने कहा कि आग लगने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम उन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर रहे हैं जो नियमों का उल्लंघन करते पाए गए हैं। अब हमें और अधिक सतर्क रहना होगा।'
मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश
इससे पहले, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने नाइट क्लब में लगी आग की घटना को लेकर मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए। सावंत ने कहा कि नाइट क्लब के मालिक एवं महाप्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।शुरुआती जांच में कई खामियों की बात
इस अग्निकांड में 25 लोगों की मौत के बाद हादसे की जांच तेज हो गई है। शुरुआती जांच में नाइट क्लब की सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाहियों का पता चला है। आरोप है कि क्लब में फायर सेफ्टी मानकों का बड़े पैमाने पर उल्लंघन हुआ और आग से बचाव के जरूरी इंतजाम नदारद थे। इतना ही नहीं, बड़ा सवाल यह भी है कि क्लब के अवैध निर्माण को लेकर पहले शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं बावजूद इसके उसका संचालन कैसे जारी रहा? जांच एजेंसियां अब इसी लापरवाही और संभावित मिलीभगत की तह तक जाने में जुटी हैं।
अग्निकांड पर उठ रहे हैं नए सवाल
गोवा के दर्दनाक नाइट क्लब हादसे को लेकर अब कई परतें खुलने लगी हैं। पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार का कहना है कि आग की शुरुआत गैस सिलेंडर के विस्फोट से हुई थी, लेकिन घटना स्थल के प्रत्यक्षदर्शियों ने कुछ और ही बताया है। उनके मुताबिक,आग की लपटें सबसे पहले पहली मंजिल पर उठीं, जहां पर्यटकों की भीड़ डांस फ्लोर पर मौजूद थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि पहली मंजिल पर आग लगते ही लोग घबराकर बाहर की ओर दौड़े,लेकिन जैसे ही कुछ लोग सीढ़ियों से नीचे ग्राउंड फ्लोर पर पहुंचे, वहां स्थित किचन में लगी आग से उठा घना धुआं उन्हें घेर चुका था। ग्राउंड फ्लोर पर वेंटिलेशन का रास्ता नहीं था, जिसकी वजह से कई लोग बेहोश होकर वहीं फंस गए। यही कारण है कि सीढ़ियों और नीचे के हिस्से से कई शव बरामद किए गए।
एंट्री और एग्जिट गेट एक ही
यह भी सामने आया है कि नाइट क्लब में एंट्री और एग्जिट गेट एक ही था, वह भी एक ही, जिससे भगदड़ मच गई और लोग बाहर निकल ही नहीं पाए। ऊपर से क्लब पानी के बीच बना था और सिर्फ एक पतला संकरा रास्ता जमीन से जुड़ता था। इस वजह से न तो लोग आसानी से बच पाए और न ही रेस्क्यू टीमें आग पर तुरंत काबू पा सकीं।
हादसे में 25 की मौत, चार पर्यटक भी
हादसे में अब तक 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें 14 कर्मचारी, 4 पर्यटक शामिल हैं। बाकी 7 शवों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
