AI कंपनियों की मनमानी पर वैश्विक कार्रवाई, भारत में भी न्यूज पब्लिशर्स ने उठाई रेवेन्यू शेयरिंग की मांग

जैसे-जैसे AI कंपनियों द्वारा पत्रकारिता कंटेंट की अनधिकृत स्क्रैपिंग के खिलाफ वैश्विक विरोध तेज हो रहा है, भारत के डिजिटल प्रकाशकों ने निष्पक्ष रेवेन्यू शेयरिंग की मांग दोहराई है। अमेरिका और UK में बड़े पब्लिशर्स ने AI क्रॉलर्स पर रोक लगानी शुरू कर दी है। DNPA ने भारत सरकार से कानून, लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क और तकनीकी सहयोग की मांग की है, ताकि रचनाकारों के अधिकार सुरक्षित रहें।

जैसे-जैसे आर्टिफिशियल (AI) कंपनियों द्वारा पत्रकारिता कंटेंट की अनधिकृत स्क्रैपिंग के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध तेज हो रहा है, भारत के डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स ने भी निष्पक्ष रेवेन्यू शेयरिंग की मांग को पुरजोर तरीके से दोहराना शुरू कर दिया है।

Artificial Inteligence

AI की अनधिकृत स्क्रैपिंग के खिलाफ एकजुट हो रहे पब्लिशर्स (फोटो - Canva)

हाल ही में अमेरिका और ब्रिटेन में बड़ी मीडिया संस्थाओं ने AI वेब क्रॉलर्स को डिफॉल्ट रूप से ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। इस अभियान को क्लाउडफ्लेयर जैसी वैश्विक इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों का समर्थन हासिल है। Associated Press, The Atlantic, Sky News, Time, Buzzfeed, Conde Nast, और DMGT जैसे मीडिया दिग्गज इस पहल का हिस्सा हैं। इन सभी का उद्देश्य, AI कंपनियों द्वारा बिना अनुमति और भुगतान के कंटेंट के इस्तेमाल पर रोक लगाना है।

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