Gen-Z जल्दी भावुक हो जाती है, डिक्टेशन नहीं बल्कि तर्कपूर्ण संवाद की जरूरत, बोले मोहन भागवत

उन्होंने कहा कि आज के युवा जल्दी भावुक होते हैं, शांत मन से विचार करने के बजाय जो बात उन्हें सही लगती है, उसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं। उनके साथ आदेश या डिक्टेशन नहीं बल्कि तर्कपूर्ण संवाद की जरूरत होती है।

Mohan Bhagwat: जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों के बड़े प्रदर्शन के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने अहम बयान दिया है। भागवत ने हाल ही में हैदराबाद में विश्व मांगल्य सभा के कार्यक्रम में जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी के स्वभाव और संवाद को लेकर अहम बातें कहीं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जेन जी जल्दी भावुक हो जाती है लेकिन ठंडे दिमाग से विचार नहीं करती है, जो उनके संपर्क में हो और वो दिखने में प्रामाणिक हो, तो वो उनको अपील करता है।

Bhagwat

युवा पीढ़ी पर मोहन भागवत ने क्या-क्या कहा

आज के युवा जल्दी भावुक हो जाते हैं

उन्होंने कहा कि आज के युवा जल्दी भावुक होते हैं, शांत मन से विचार करने के बजाय जो बात उन्हें सही लगती है, उसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं। उनके साथ आदेश या डिक्टेशन नहीं बल्कि तर्कपूर्ण संवाद की जरूरत होती है। भागवत ने कहा कि युवाओं में शांत मन से गहराई से सोचने के बजाय तुरंत प्रभावित होने और जो बात सही लगे उसकी तरफ खिंचे चले जाने की प्रवृत्ति होती है। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ आदेश देने या आज्ञा मनवाने का दौर खत्म हो चुका है; नई पीढ़ी हर बात पर सवाल उठाती है और उन्हें संतुष्ट करने के लिए तर्क व स्पष्टीकरण की जरूरत होती है। युवाओं को समझाने के लिए परिवारों और समाज को उनके साथ समय बिताने, अपनापन दिखाने और लगातार बातचीत का माहौल बनाने की जरूरत है।

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