Downlad Republic Day 2024 Celebration HD Photos in Hindi: देश अपने 75वें गणतंत्र के जश्न में डूबा है। इस ऐतिहासिक दिन शुक्रवार को कर्तव्य पथ पर भारत की सांस्कृतिक विविधिता की सुंदरता एवं बेजोड़ सैन्य ताकत दिखाई दी। सैन्य दलों के मार्चिंग दस्ते, हथियारों, रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी एवं राज्यों की झाकियों ने सभी का मन मोह लिया। दिल को खुश कर देने वालीं परेड की शानदार तस्वीरें सामने आईं। राज्यों की खासियत एवं उसकी सुंदरता बताने वाली झांकियां देख लोग मंत्र मुग्ध हो गए।
रिपब्लिक डे परेड 2024।
भारत के 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि हैं। परेड में फ्रांस के अंतरिक्ष और वायु सेना बल के एक बहुउद्देश्यीय टैंकर परिवहन विमान के साथ दो राफेल लड़ाकू विमान दिल्ली के आसमान में गरजे। जब फ्रांस के करीब 95 जवानों ने कर्तव्य पथ पर मार्च में भाग लिया तब राफेल विमानों ने आसमान में उड़ान भरी।फ्रांस के 30 सदस्यीय बैंड ने भी भव्य परेड में प्रस्तुति दी।
फ्रांस के सशस्त्र बलों ने दूसरी बार भारत की गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया है। इससे पहले 2016 में फ्रांस के सैनिक भारत के इस भव्य समारोह में भाग लेने वाली पहली विदेशी सैन्य टुकड़ी के तौर पर शामिल हुए थे। पिछले साल जुलाई में पेरिस में आयोजित बैस्टिल दिवस परेड में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
बैस्टिल दिवस परेड में भारतीय वायु सेना के राफेल लड़ाकू विमानों और तीनों सेनाओं के मार्चिंग दल ने भाग लिया था। कर्तव्य पथ पर निकली एक झांकी में सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों द्वारा निभाई गई अहम भूमिका को दर्शाया गया। यह झांकी ‘राष्ट्र निर्माण: पहले भी, अब भी, आगे भी और हमेशा’ की विषय वस्तु पर आधारित थी।
कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह संबंधी आधिकारिक पुस्तिका में झांकी के बारे में बताया गया कि इसके आगे के हिस्से में सशस्त्र बलों के कर्मियों के जीवन के उस प्रमुख चरण को दर्शाया गया जब उन्होंने ‘हमारे देश की बहादुरी से हर कीमत पर रक्षा की।’
इसमें लिखा है कि युद्ध लड़ने के आधुनिक स्वदेशी मचों की उपलब्धता और ये सक्षम बल स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि देश की सुरक्षा अभेद्य है। इसमें कहा गया कि झांकी के मध्य भाग में सशस्त्र बल कर्मियों की सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद की भूमिका को प्रदर्शित किया गया।
पुस्तिका में कहा गया कि पूर्व सैनिकों ने राष्ट्र निर्माण के असंख्य पहलुओं में बहुमूल्य योगदान दिया है और वे विभिन्न क्षेत्रों में देश के विकास के स्तंभ के रूप में कार्य करते हैं।
झांकी में सशस्त्र बलों के जवानों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को भी दर्शाया गया है। पुस्तिका में लिखा है, ‘हमारा देश और उसके सभी नागरिक हमारे सैनिकों की अदम्य भावना को सलाम करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी साझा करने के लिए उनसे प्रेरणा लेते हैं।’
