Jagdeep Dhankhar Resign: एक छोटे से गांव से लेकर उपराष्ट्रपति तक... ऐसा रहा है जगदीप धनखड़ का सफर

राजस्थान के ग्रामीण इलाके से भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक तक जगदीप धनखड़ का सफर, दृढ़ता, बहुमुखी प्रतिभा और जनसेवा की कहानी है। वे चार दशकों से भी ज्यादा समय से सार्वजनिक जीवन में हैं।

Jagdeep Dhankhar Resign: अनुभवी वकील और राजनीतिक हस्ती जगदीप धनखड़ ने 2022 से 21 जुलाई 2025 को अपने इस्तीफे तक भारत के 14वें उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। उन्होंने सोमवार को स्वास्थ्य आधार पर उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल छोटा था। उन्हें संसदीय प्रक्रियाओं पर दृढ़ पकड़ और तीक्ष्ण कानूनी कुशाग्रता के लिए जाना जाता था। वे अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रीय मुद्दों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे।

VP Jagdeep Dhankhar

जगदीप धनखड़ (फाइल फोटो:PTI)

18 मई, 1951 को राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक छोटे से गांव किठाना में जन्मे जगदीप धनखड़ एक साधारण किसान परिवार से हैं। उन्हें अक्सर 'किसान पुत्र' कहा जाता है और यही पृष्ठभूमि भाजपा ने बाद में उनके उपराष्ट्रपति पद के नामांकन के दौरान अपने राजनीतिक संदेश में भी उजागर की।

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