महाराष्ट्र में नया सियासी ड्रामा; शीतकालीन सत्र से पहले विपक्ष ने किया टी पार्टी का बहिष्कार, सत्र हंगामेदार रहने के आसार

महाराष्ट्र में राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आठ से 14 दिसंबर तक नागपुर में आयोजित किया जायेगा। उससे पहले ही फडणवीस सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए विपक्ष ने परंपरागत रूप से होने वाली सरकार की टी पार्टी का बहिष्कार कर दियाा।

महाराष्ट्र में विपक्ष ने शीतकालीन सत्र की शुरुआत होने से पहले ही सियासी ड्रामा शुरू हो गया है। यहां विपक्ष ने शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर परंपरागत रूप से होने वाली सरकार की टी पार्टी का बहिष्कार कर दियाा। इतना ही नहीं देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं (एलओपी) की नियुक्ति करने में विफल रही है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि चाय पार्टी का निमंत्रण विपक्ष के नेताओं के बजाय व्यक्तिगत रूप से विधायकों को भेजा गया था।

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार।

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार। फोटो ANI

विधान भवन परिसर में शिवसेना (यूबीटी) नेताओं भास्कर जाधव, सुनील प्रभु और नितिन राउत तथा राकांपा (एसपी) के अनिल देशमुख के साथ संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने जमकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों में विपक्ष के नेता नहीं हैं और पद रिक्त हैं। ये दोनों ही वैधानिक पद हैं। दोनों पदों को रिक्त रखकर सरकार ने दिखा दिया है कि उसे संविधान पर भरोसा नहीं है। इसलिए हमने टी पार्टी का बहिष्कार किया है।

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