फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने आपातकाल लगाने की संभावना जताई है। हिंसक प्रदर्शनों और लूटपाट से हजारों कारोबार प्रभावित हुए हैं, जिसके चलते उन्होंने स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लगाने का समर्थन किया है। 'फ्रांस 24' की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने कहा है कि देश के कई हिस्सों में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों और लूटपाट को रोकने के लिए, अगर ज़रूरत पड़ी तो सरकार आपातकाल लगा सकती है।
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शन जारी
हालांकि, लेकोर्नू ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लगाना ज्यादा सही कदम होगा। 'फ्रांस 24' के मुताबिक, सोमवार को एक आपातकालीन बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने ये बातें कहीं। उन्होंने व्यवस्था बहाल करने का वादा किया और कहा कि आपातकालीन कदम उठाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
'मैं व्यवस्था बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं'
लेकोर्नू ने कहा, 'मैं व्यवस्था बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं। अगर ज़रूरत पड़ी, तो मैं आपातकाल (Emegency) लगा दूंगा। हालांकि, अभी के हालात को देखते हुए कर्फ्यू लगाना ज़्यादा बेहतर विकल्प लगता है।' इस अशांति के चलते 2,500 से ज़्यादा लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि सुरक्षा बलों के लगभग 1,000 जवान घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं, बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए गए एक ग्रेनेड की चपेट में आने से एक प्रदर्शनकारी का हाथ उड़ गया।
TIMES NOW Navbharat पर यह भी पढ़ें: फ्रांस, इटली, पुर्तगाल से लेकर अल्बानिया तक प्रदर्शन की आग में क्यों 'झुलसा' यूरोप? क्या है लोगों के गुस्से की वजह?
...ताकि अशांति से प्रभावित कारोबारों को बचाया जा सके
'फ्रांस 24' के अनुसार, लेकोर्नू ने क्षेत्रीय अधिकारियों से सोमवार शाम से स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लगाने को कहा है, ताकि अशांति से प्रभावित कारोबारों को बचाया जा सके। मेयरों के साथ बातचीत के बाद उन इलाकों का नक्शा जारी किए जाने की उम्मीद है, जहां कर्फ्यू लागू किया जाएगा। ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के उत्तराधिकारी को चुनने के लिए चुनाव होने में छह महीने बचे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्कूलों में बेहतर हालात की मांग को लेकर हफ़्तों तक चले छात्रों के प्रदर्शनों के बाद, सप्ताहांत में देश ने पिछले कुछ सालों की सबसे भीषण हिंसा देखी।
गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने सोमवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया
लेकोर्नू ने अशांति के स्तर को कम करके दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भले ही टीवी कवरेज से ऐसा लग रहा है कि हर जगह अराजकता फैली हुई है, लेकिन असल में यह अशांति मुख्य रूप से शहरी केंद्रों तक ही सीमित है। 'फ्रांस 24' के अनुसार, व्यापार और लघु व्यवसाय मंत्री सर्ज पैपिन ने बताया कि हिंसा से कम से कम 3,000 व्यवसाय प्रभावित हुए हैं। लेकोर्नू ने कहा कि प्रभावित व्यवसायों को एक विशेष सहायता कोष और अन्य उपायों के ज़रिए मदद दी जाएगी। इस बीच, गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने सोमवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने तर्क दिया कि सप्ताहांत में हुई अशांति के दौरान कुछ शहरों में पुलिस का नियंत्रण खत्म हो गया था। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, मैक्रों ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया।
