Muslim Education Debate: मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी नियाज खान ने रविवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के देश के मुसलमानों को लेकर दिए गए एक बयान पर पलटवार किया और कहा कि शिक्षा प्राप्त करने वाला मुस्लिम लंदन, न्यूयॉर्क में मेयर बना और कट्टरता सीखने का पंचर बनाने वाला बना।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी (फाइल फोटो साभार: ANI)
मदनी के किस बयान पर मचा बवाल
मदनी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि लंदन या न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों में मुसलमान मेयर बन सकते हैं, जबकि भारत में वही व्यक्ति किसी विश्वविद्यालय का कुलपति तक नहीं बन सकता। मदनी के इस बयान से बवाल मच गया और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।
पूर्व IAS अधिकारी ने दिखाया आईना
पूर्व आईएएस अधिकारी नियाज खान ने मदनी पर पलटवार करते हुए कहा कि कट्टरता सीखने वाला पंचर बनाने वाला बनता है। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''जिस मुस्लिम ने शिक्षा प्राप्त की वह लंदन, न्यूयॉर्क का मेयर बना तो अमेरिका में गवर्नर और लेफ्टिनेंट गवर्नर बना। जिस मुस्लिम ने कट्टरता और अंधविश्वास की शिक्षा ली वो मैकेनिक, महिलाओं पर अन्याय करने वाला और पंक्चर बनाने वाला बना। शिक्षा मुस्लिमों के लिए रामबाण औषधि है, समझें इसे।''
भाजपा ने भी साधा निशाना
मदनी के इस बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन की भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा कि मौलाना अरशद मदनी का बयान अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और निंदनीय है। उन्होंने भारत को बदनाम करने का काम किया है। दुनिया के किसी भी देश में अल्पसंख्यकों को उतने अधिकार नहीं मिले जितने भारत में मिले हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय मुसलमानों के लिए भारत से बेहतर कोई देश नहीं, हिन्दुओं से अच्छा कोई दोस्त नहीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहतर कोई नेता नहीं मिल सकता। हमारा देश 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र पर चल रहा है।
'बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर रहें भारत के मुसलमान'
उन्होंने कहा कि हमारे यहां के मुसलमान कई शहरों में मेयर बने हैं, बड़े-बड़े संवैधानिक पदों पर रहे हैं। भारत का मुसलमान राष्ट्रपति बन सकता है, मुख्य न्यायाधीश बन सकता है, क्रिकेट-हॉकी टीम का कप्तान बन सकता है, वायुसेना का प्रमुख बन सकता है। भारत के मुसलमान को देश का सर्वोच्च पद यानी राष्ट्रपति का पद मिल चुका है। फिर भी मौलाना अरशद मदनी इस तरह के बयान दे रहे हैं।
