Neelam Shinde Accident in US: विदेश मंत्रालय ने कैलिफोर्निया में सड़क दुर्घटना के बाद जीवन के लिए संघर्ष कर रही एक भारतीय छात्रा के परिवार के तत्काल वीजा के अनुरोध के मामले को अमेरिका के समक्ष उठाया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।महाराष्ट्र के सतारा की नीलम शिंदे 14 फरवरी को हुई दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और तब से अस्पताल में कोमा में हैं। शिंदे के सिर, हाथ और छाती में गंभीर चोटें आईं हैं।
अमेरिका में एक एक्सीडेंट में नीलम शिंदे के सिर, हाथ, पैर और छाती पर गंभीर चोटें आईं
छात्रा के परिवार ने उसके पास रहकर देखभाल करने के लिए अमेरिका जाने के वास्ते तत्काल वीजा दिए जाने की मांग की है।सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने इस मामले को अमेरिका के समक्ष उठाया है और अमेरिकी पक्ष छात्रा के परिवार को जल्दी वीजा देने की औपचारिकताओं पर विचार कर रहा है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने बुधवार को इस मामले को उठाया।उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘छात्रा नीलम शिंदे अमेरिका में दुर्घटना में घायल हो गई हैं और उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।' सुले ने कहा, 'उनके पिता तानाजी शिंदे, सतारा, महाराष्ट्र से हैं, चिकित्सकीय आपातकाल स्थिति के कारण उन्हें अपनी बेटी से मिलने की तत्काल आवश्यकता है। तानाजी शिंदे ने अमेरिका जाने के लिए तत्काल वीजा के वास्ते आवेदन किया है और उन्हें सहायता की आवश्यकता है।'
यह तब हुआ जब उसके परिवार ने तत्काल वीजा प्राप्त करने के लिए सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना 14 फरवरी को हुई थी और इस संबंध में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। शिंदे के परिवार को दो दिन बाद उसकी रूममेट ने इसकी जानकारी दी।
सिर में चोट के कारण उसे तत्काल सर्जरी करवानी पड़ी
शिंदे के सिर, हाथ, पैर और छाती पर गंभीर चोटें आईं। सिर में चोट के कारण उसे तत्काल सर्जरी करवानी पड़ी।उनकी हालत को देखते हुए अस्पताल ने परिवार को एक ई-मेल भेजा, जिसमें उन्हें जल्द से जल्द अमेरिका आने के लिए कहा गया। कुछ दिन पहले शिंदे की मां का भी निधन हो गया था।
परिवार तत्काल वीजा प्राप्त करने के लिए पासपोर्ट कार्यालय गया
मीडिया से बात करते हुए नीलम शिंदे के चाचा ने कहा कि परिवार तत्काल वीजा प्राप्त करने के लिए पासपोर्ट कार्यालय गया और केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल, पूर्व सांसद श्रीनिवास पाटिल और पूर्व विधायक बालासाहेब पाटिल (दोनों सतारा से) से भी संपर्क किया। उन्होंने कहा, 'लेकिन वे (परिवार) निराश हो गए। सरकार की ओर से आज तक कोई मदद नहीं मिली है।'
