ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। गंजाम और गजपति जिलों में बाढ़ का असर आम लोगों के साथ-साथ जंगली जानवरों पर भी देखने को मिल रहा है। कहीं गांवों में पानी घुस गया है, तो कहीं सड़कें और रेलवे ट्रैक प्रभावित हुए हैं। इस बीच गंजाम जिले से कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दुर्लभ काले हिरण यानी ब्लैकबक तेज बहाव वाले पानी में बहते और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं।
ओडिशा में बाढ़ ने रोकी रफ्तार (Times Now Navbharat)
बाढ़ के पानी में बहते दिखे दुर्लभ ब्लैकबक
गंजाम जिले के बदामाधापुर और कैनचापुर इलाके में बड़ी संख्या में ब्लैकबक रहते हैं। यह इलाका उनके प्राकृतिक आवासों में से एक है। लगातार बारिश के कारण इन इलाकों में पानी भर गया है। ऐसे में कई ब्लैकबक तेज बहाव के बीच फंस गए। सामने आए वीडियो में ये जानवर पानी के बीच खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
NH-16 पर बह रहा बाहुदा नदी का पानी
इतना ही नहीं, बाढ़ का असर सड़क परिवहन पर भी देखने को मिल रहा है। बाहुदा नदी का पानी नेशनल हाईवे (NH-16) पर बह रहा है। इसके कारण ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच की रोड कनेक्टिविटी टूट गई है। इच्छापुरम से करीब आठ किलोमीटर दूर हाईवे पर पानी का तेज बहाव जारी है। इसके चलते हजारों ट्रक और दूसरे वाहन फंसे हुए हैं। दोनों राज्यों के बीच आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
36 ट्रेनें रद्द, 30 के बदले गए रास्ते
भारी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 36 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। वहीं, 30 ट्रेनों के रास्ते बदल दिए गए हैं। इसके अलावा आठ ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकने या उनके टाइमिंग को बदलने का फैसला किया गया है। कैंसिल की गई ट्रेनों में भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम वंदे भारत एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-विशाखापत्तनम इंटरसिटी एक्सप्रेस और विशाखा एक्सप्रेस शामिल हैं। शालीमार-मंगलुरु विवेक एक्सप्रेस और हावड़ा-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी रद्द की गई हैं।
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बाहुदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा
पूर्व तट रेलवे (ECOR) के मुताबिक, गंजाम जिले में करीब 550 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके कारण बाहुदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। इच्छापुरम और जाधुपुडी के बीच रेलवे पुलों के पास पानी खतरे के स्तर तक पहुंच गया। यात्रियों की मदद के लिए रेलवे ने अलग-अलग जगहों पर भोजन और पानी की व्यवस्था की है।
बाढ़ पीड़ितों ने किया हाईवे जाम
बाढ़ से प्रभावित परिवारों का गुस्सा भी सामने आया है। भंजानगर में लोगों ने राहत और मुआवजे की मांग को लेकर भंजानगर-ब्रह्मपुर हाईवे जाम कर दिया। उनका आरोप है कि मसानि साहि इलाके में बाढ़ के कारण 12 घर बह गए हैं। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मदद की मांग की है।
मुख्यमंत्री करेंगे हवाई सर्वेक्षण
इस बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी गंजाम और गजपति जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। उनके साथ राजस्व मंत्री भी स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरान बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों की समीक्षा की जाएगी। कुल मिलाकर, ओडिशा में बाढ़ ने इंसानों से लेकर वन्यजीवों, सड़क और रेल यातायात तक को प्रभावित किया है। अब लोगों को राहत मिलने और पानी का स्तर घटने का इंतजार है।
