Features Of New Parliament Building: गणेश चतुर्दी के दिन सांसद अपने नए 'घर' में प्रवेश कर रहे हैं। इस नई संसद से अब देश की दशा और दिशा तय होगी और सपने साकार होंगे। संसद की नई इमारत खास है। यह भारतीय संस्कृति, कला एवं परंपराओं का आधुनिकता के साथ अद्भुत सम्मिश्रण है। नई इमारत को भविष्य की जरूरतों एवं सुरक्षा की लिहाज से तैयार किया गया है। नए संसद भवन के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई है। नए संसद भवन में अहम कामकाज के लिए अलग ऑफिस बनाए गए हैं। ये कार्यालय हाईटेक सुविधाओं से लैस हैं। कैफे, डाइनिंग एरिया, कमेटी मीटिंग के तमाम कमरों में भी हाईटेक उपकरण लगाए गए हैं। कुल मिलाकर संसद की यह नई इमारत शानदार, भव्य एवं 140 करोड़ देशवासियों के आकांक्षाओं को आकार देने वाली है। संसद की नई इमारत की खासियतें कुछ इस प्रकार हैं-
नए संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- आजादी के बाद हम अंग्रेजों द्वारा बनाई गई इमारत का इस्तेमाल कर रहे थे।
- यह मेड इन इंडिया संसद भवन है
- नया संसद भवन पुराने संसद भवन से कई मायनों में अलग है
- नया संसद भवन साढे 64,500 वर्गमीटर के दायरे में त्रिभुजाकार आकार में बना है।
- नई लोकसभा में 888 सांसद, नई राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है।
- नई संसद के दोनों सदनों में अब कुल 1272 सांसद बैठ सकेंगे।
- नई संसद के सेंट्रल हाल में 1272 सांसदों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
- 2026 में लोकसभा सीटों के लिए परिसीमन होना है।
- लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 800 तक जा सकती हैं।
- नए संसद भवन पर खर्च 950 करोड़ रुपए खर्च हुए
- पुरानी संसद से यह 17000 वर्ग मीटर बड़ा है।
- हर कामकाज के लिए अलग कमरे, हाईटेक सुविधाओं से लैस दफ्तर
- पूरी तरह भूकंपरोधी, कॉमन रूम्स हैं, महिलाओं के लिए लाउंज, वीआईपी लाउंज
- नए संसद भवन में ऑडियो विजुअल सिस्टम, डाटा नेटवर्क की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है।
- 1971 की जनगणना के आधार पर किए गए परिसीमन पर आधारित लोकसभा सीटों की संख्या 545 बनी हुई है
- नए संसद भवन को 150 साल की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है
- भवन के तीन मुख्य द्वार हैं- ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार
- इसमें वीआईपी, सांसदों और आगंतुकों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार हैं
- नया संसद भवन दिव्यांगों के अनुकूल होगा
- मंत्रिपरिषद के इस्तेमाल के लिए करीब 92 कमरे होंगे
- नए संसद भवन के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई है
- नई संसद में महाराष्ट्र से लकड़ी, राजस्थान का संगमरमर, त्रिपुरा के बांस, मिर्जापुर कालीन लगे हैं
- सदस्यों के लिए बॉयोमीट्रिक, विशाल मल्टी मीडिया डिस्प्ले
- ऑटोमेटिक कैमरा कंट्रोल और कमान सेंटर का निर्माण, पूरी तरह से पेपरलेस
- हॉल के बीच में संविधान कक्ष, यहां संविधान की डिजिटल प्रतिलिपि रखी गई है
- 1700 से अधिक दरवाजे खिड़किया हैं
