विपक्ष अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर चिंतित, BJP ने दिया राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला, FCRA पर क्यों संग्राम?

संशोधन विधेयक का बचाव करते हुए भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि विधेयक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यकों के बीच भेदभाव नहीं करती, जैसा विपक्ष करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

FCRA Amendment Sparks Row: विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर बुधवार को तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई और भाजपा ने जहां इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए आवश्यक बताया, वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि इससे अल्पसंख्यकों के अधिकार सीमित होंगे और गैर-सरकारी संगठनों पर सरकार का नियंत्रण सख्त होगा। संशोधन विधेयक का बचाव करते हुए भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज कर दिया कि विधेयक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों और बहुसंख्यकों के बीच भेदभाव नहीं करती, जैसा विपक्ष करता है। राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

FCRA row

FCRA पर संसद में संग्राम

बीजेपी सांसदों की रही ये दलील

शर्मा ने संसद भवन परिसर में मीडियाकर्मियों से कहा, अगर गैर-सरकारी संगठनों द्वारा प्राप्त विदेशी निधियों का उपयोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने, मीडिया और सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने या नक्सलवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में सरकार के लिए प्रतिबंध लगाना निश्चित रूप से आवश्यक है। भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों को हाशिए पर धकेलने का आरोप लगाया। खटाना ने आरोप लगाया, उन्होंने अल्पसंख्यकों को हाशिये पर धकेल दिया है, और अब वे उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। वे उन्हें वोट बैंक में बदलना चाहते हैं।

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