Sambhal Riots 1978: साल 1978 के सांप्रदायिक दंगे के बाद संभल से पलायन करने वाले हिंदुओं को वापस संभल में बसाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी पहल की है। पलायन करने वाले दंगा पीड़ित परिवारों को जमीन देकर सरकार ने वापस संभल में बसाने का काम शुरू किया है। इस योजना के तहत संभल से पलायन करने वाले दंगा पीड़ित परिवार को जमीन का पट्टा सौंप कर उसके मकान निर्माण की गुरुवार को ईंट रखी गई।
मकान निर्माण की पहली ईंट रखी
प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह व जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने 1978 में हुए दंगों में मारे गए रामशरण दास रस्तोगी की पुत्रवधू रुक्मिणी रस्तोगी को पट्टे का प्रमाण पत्र सोंपकर जमीन पर कब्जा दिलाते हुए मकान निर्माण की पहली ईंट रखी। गंगा पीड़ित रुक्मिणी देवी को जो जमीन आवंटित की गई है उस सरकारी जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कब्जा कर कब्रिस्तान बना लिया था। प्रशासन ने 6 माह पहले ही इस जमीन को कब्जा मुक्त कराया है। कब्जा मुक्त कराई गई जमीन पर अब संभल से पलायन करने वाले दंगा पीड़ित परिवार का आशियाना बनेगा।
संभल में बसेंगे पलायन करने वाले परिवार
परिवार को जमीन का पट्टा सौंपने आए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जीपीएस राठौर ने कहा कि सांप्रदायिक दंगे के बाद पलायन करने वाले सभी परिवारों को वापस संभल में बसाने का काम किया जाएगा सभी को भूमि और सुरक्षा दी जाएगी। 1978 के सांप्रदायिक दंगे में दंगाइयों ने संभल के बाजार गंज स्थित अपनी दुकान पर बैठे रामशरण रस्तोगी की बेरहमी से हत्या करने के बाद शव उनकी दुकान के सामने तराजू में बांधकर कुएं में फेंक दिया था।
पलायन कर दिल्ली चला गया था
इस घटना के बाद रामचरण रस्तोगी का परिवार संभल से पलायन कर दिल्ली चला गया था। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर परिवार को संभल में वापस बसाया जा रहा है तो रामशरण रस्तोगी की पुत्रवधू रुक्मिणी देवी,पौत्र कपिल रस्तोगी व अन्य परिजन बेहद खुश हैं। दंगा पीड़ित परिवार का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी फरियाद सुनी तो आज यह हालात बने हैं कि वह वापस संभल लौट रहे हैं।
