फैजाबाद बार एसोसिएशन ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को बड़ी चेतावनी दी है। शनिवार को आयोजित आम सभा की बैठक में अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा और आरएसएस पदाधिकारी गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
फैजाबाद के वकीलों का कड़ा रुख (फाइल फोटो)
एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए। वकीलों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय मुख्य आरोपियों को निर्दोष साबित करने और उन्हें संरक्षण देने में लगा हुआ है। इस संबंध में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
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पुलिस नहीं करती कार्रवाई तो आंदोलन रहेगा जारी
कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में हेराफेरी करने वालों को बचाया जा रहा है। बार एसोसिएशन की ओर से दी गई शिकायत के बावजूद चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को मुख्य आरोपी बनाते हुए अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं करती, तब तक वकीलों का यह आंदोलन जारी रहेगा।
आरोपियों की पैरवी करने वालों पर 5 लाख का लगेगा जुर्माना
इससे पहले 29 जून को हुई बैठक में बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से फैसला लिया था कि कोई भी अधिवक्ता इस मामले के आरोपियों की तरफ से अदालत में पैरवी नहीं करेगा। संगठन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने बताया कि चढ़ावे से जुड़े इस प्रकरण से आम जनता और सभी अधिवक्ताओं की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। एसोसिएशन ने नियम तय किया है कि यदि कोई सदस्य इस निर्णय का उल्लंघन कर आरोपियों की पैरवी करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
